उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले, चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने वाराणसी (ग्रामीण) में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, आज हिंदुस्तान के हर कोने में, इस चुनाव में भी मैं जहां-जहां गया हूं, वहां-वहां माताओं-बहनों ने जो आशीर्वाद दिया है वो एक प्रकार से मेरा रक्षा कवच बना हैं। हमारी बहन बेटियों की रक्षा-सुरक्षा पहले भी डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी।

पीएम मोदी ने कहा, मैं कल काशी में जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए निकला था। मैंने कल जो दृश्य बनारस में देखा, बच्चे-बूढ़े-गरीब-अमीर, हर कोई जिस प्रकार से आशीर्वाद दे रहा है, जिंदगी में इससे बड़ी कमाई क्या होती है.! इससे बड़ी पूंजी क्या होती है.! आज एक तरफ डबल इंजन का डबल बेनिफिट है, जिसका लाभ उत्तर प्रदेश का हर नागरिक उठा रहा है। दूसरी तरफ घोर परिवारवादियों की कोरी घोषणाएं हैं, जो कभी पूरी हो ही नहीं सकती हैं। 

मोदी का सियासी वार :

पीएम मोदी ने कहा, जब भारत किसी संकट से लड़ता है तो ये घोर परिवारवादी उस संकट को और गंभीर बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। ये हमने कोरोना के दौरान भी देखा और आज यूक्रेन संकट के दौरान भी हम ये देख रहे हैं। अंधविरोध, निरंतर विरोध, घोर निराशा, नकारात्मकता यही इनकी राजनीतिक विचारधारा बन चुकी है। लेकिन आप देखना 10 मार्च के बाद गरीब को पक्के घर, गैस कनेक्शन देने का अभियान और तेज होगा। 10 मार्च के बाद रोजगार देने का काम और तेज होगा। जो मुठ्ठीभर माफिया बाहर निकलने के सपने देख रहे हैं, जिन्होंने मुंडी दिखाना शुरु किया है, 10 मार्च के बाद कानून उनका हिसाब भी पूरा करेगा।

संकट में भी राजनीतिक हित : मोदी 

पीएम मोदी ने कहा, 21वीं सदी का ये तीसरा दशक पूरी दुनिया के लिए नई चुनौतियां, अभूतपूर्व संकट लेकर आया है। लेकिन भारत ने तय किया है कि इस अभूतपूर्व संकट और चुनौतियों को हम अवसर में बदलेंगे। ये संकल्प सिर्फ मेरा नहीं है, ये हिंदुस्तान के 130 करोड़ नागरिकों का है, आप सभी का है। हमारे गांवों की एक शक्ति ये भी है कि जब संकट आता है तब हर कोई गिले शिकवे भुलाकर एकजुट हो जाता है। लेकिन देश के सामने कोई चुनौती आती है तो ये घोर परिवारवादी इसमें भी राजनीतिक हित ढूंढते रहते हैं। ये हमने कोरोना के दौरान भी देखा और आज यूक्रेन संकट के दौरान भी हम ये ही अनुभव कर रहे हैं। अंधविरोध, निरंतर विरोध, घोर निराशा, नकारात्मकता यही इनकी राजनीतिक विचारधारा बन चुकी है।

वोकल फॉर लोकल का मंत्र : मोदी 

पीएम मोदी ने कहा, भारत दो साल से 80 करोड़ से अधिक गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारजनों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है। इस काम को देखकर पूरी दुनिया हैरान है। मुझे खुशी है कि मेरा गरीब खुश है, मेरी गरीब मां मुझे आशीर्वाद दे रही है। हमने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया, 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए। इससे गांव के गरीब, दलित, पिछड़े परिवार की बहनों को सबसे अधिक फ़ायदा हुआ। ये महलों में रहने वालों को पता नहीं है, अगर घर में शौचालय नहीं है तो एक गरीब मां कितनी तकलीफ उठाती है उनको पता नहीं है। घोर परिवारवादी वोकल फॉर लोकल से भी चिढ़ते हैं। पूरी दुनिया में आज योग की, आयुर्वेद की धूम मची है, लेकिन ये घोर परिवारवादी योग का नाम लेने से भी बचते हैं। कांग्रेस तो इससे भी आगे है, जो खादी एक जमाने में कांग्रेस की पहचान होती थी, वो उस खादी को भूल गए।हमारे ये जो विरोधी लोग हैं उनसे कभी आपने एक बार भी सुना कि अपने देश में बनी हुई चीजें खरीदो, अपने देश में बनी हुई चीजों का उपयोग करो, देश में बनी चीजों को बढ़ावा दो ? अगर ये आपके मित्र होते तो ये आपकी बनी चीजों को बेचने के लिए बोलते की नहीं ? लेकिन इनके मुंह पर ताला लग गया है।