PM Modi Speech On National Unity Day: देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मंगलवार यानी आज 31 अक्टूबर को 148वीं जयंती है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में पटेल की लौह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास से देश को संबोधित किया.

कश्मीर आतंकवाद से साये से बाहर आ गया- PM

पीएम मोदी ने कहा, आज के कार्यक्रम से हर कोई अभिभूत हुआ है. लाखों लोग रन फार यूनिटी में हिस्सा ले रहे है. आने वाले 25 साल इस सदी में देश के सबसे महत्वपूर्व 25 साल है. आप सभी युवाओं का जांबाजों का ये उत्साह राष्ट्रीय एकता दिवस की बहुत बड़ी ताकत है. एक तरह से मेरे सामने लघु भारत का स्वरूप दिख रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य अलग है, भाषा अलग है, परंपरा अलग है, लेकिन यहां मौजूद हर व्यक्ति एकता की मजबूत डोर से जुड़ा हुआ है. कश्मीर के भाई बहन आतंकवाद से साये से बाहर आ गये है. अनेक वैश्विक संकट के बीच हमारी सीमा सेफ है. हमें गर्व है की भारत आर्थिक ताकत बन गया है.

भारत में गरीबी कम हो रही- PM

पीएम मोदी ने बताया कि विश्व के अलग अलग देश में बहुत महंगाई है. वहीं, भारत में गरीबी कम हो रही है. आज पुरे दुनिया में उथुल-पुथल मची हुई है. कोराना के बाद कई देश की हालत खराब हो गई है. लाखों लोग रन फार यूनिटी में हिस्सा ले रहे है. अगले 25 वर्ष में भारत को आगे ले जाना है. आज पूरी दुनिया भारत को देख रही है.

उन्होंने कहा, जैसे 15 अगस्त हमारी स्वतंत्रता के उत्सव का, 26 जनवरी हमारे गणतंत्र के जयघोष का दिवस है. उसी तरह 31 अक्टूबर का ये दिन देश के कोने-कोने में राष्ट्रीयता के संचार का पर्व बन गया है. एकता नगर में आने वालों को सिर्फ इस भव्य प्रतिमा के ही दर्शन नहीं होते बल्कि उसे सरदार साहब के जीवन, त्याग और एक भारत के निर्माण में उनके योगदान की झलक भी मिलती है.

ये प्रतिमा 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का प्रतिबिंब-PM

पीएम मोदी बोले, इस प्रतिमा की निर्माण गाथा में ही 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का प्रतिबिंब है. 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पर होने वाला आयोजन, 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्यपथ पर परेड और 31 अक्टूबर को Statue Of Unity के सानिध्य में मां नर्मदा के तट पर राष्ट्रीय एकता दिवस का ये मुख्य कार्यक्रम, राष्ट्र उत्थान की त्रिशक्ति बन गए हैं.

उन्होंने बताया कि गुलामी के दौर में बनाए गए गैर जरूरी कानूनों को भी हटाया जा रहा है. IPC की जगह भी भारतीय न्याय संहिता लाई जा रही है. इंडिया गेट पर जहां कभी विदेशी सत्ता के प्रतिनिधि की प्रतिमा थी, वहां अब नेताजी सुभाष की प्रतिमा हमें प्रेरणा दे रही है. अमृतकाल में भारत ने गुलामी की मानसिकता को त्यागकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है. हम विकास भी कर रहे हैं और अपनी विरासत का संरक्षण भी कर रहे हैं. 

भारत ने अपनी नौसेना के ध्वज पर लगे गुलामी के निशान को हटा दिया है. संकल्प से सिद्धि का एक बहुत बड़ा उदाहरण हमारा ये एकता नगर भी है. आज एकता नगर की पहचान ग्लोबल ग्रीन सिटी के तौर पर हो रही है. यही वो शहर है जहां से दुनिया भर के देशों का ध्यान खींचने वाले मिशन लाइफ की शुरुआत हुई थी.

विपक्ष पर लगाया तुष्टिकरण करने का आरोप-

विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी बोले, तुष्टिकरण करने वालों को मानवता के दुश्मनों के साथ खड़े होने में संकोच नहीं हो रहा है. वो आतंकी गतिविधियों की जांच में कोताही करते हैं, वो देशविरोधी तत्वों पर सख्ती करने से बचते हैं. तुष्टिकरण की ये सोच इतनी खतरनाक है कि वो आतंकियों को बचाने के लिए अदालत तक पहुंच जाती है. ऐसी सोच से किसी समाज या देश का भला नहीं हो सकता.

उन्होंने तंज़ कसते हुए आगे कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति हमारी विकास यात्रा में सबसे बड़ी रुकावट है. भारत के बीते कई दशक साक्षी हैं कि तुष्टिकरण करने वालों को आतंकवाद, उसकी भयानकता, विकरालता कभी दिखाई नहीं देती. एकता को खतरे में डालने वाली ऐसी सोच से हर पल, हर समय, हर देशवासी को सावधान रहना ही है.