प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा यानी 'कर्तव्य पथ' का राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक का उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण भी किया. इससे देश को आज एक नई प्रेरणा और ऊर्जा मिली है.
इसी कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इंडिया गेट के सभी 10 रूटों को शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक बंद करने का फैसला किया है. आज से करीब 3.20 किलोमीटर लंबे राजपथ को अब एक नए रूप और नए नाम कर्तव्य पथ से जाना जाएगा.
पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. ग्रेनाइट पत्थर पर उकेरी गई इस प्रतिमा का वजन 65 मीट्रिक टन है. इस बीच, पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकारों से मुलाकात कर बातचीत की.
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च-
केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में करोड़ो रुपये खर्च किए हैं. 20,000 करोड़ की लागत से बनने वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की शुरुआत कोरोना काल के बीच में हुई थी. इसके तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर नए संसद भवन के अलावा देश की नई राजधानी का निर्माण होने जा रहा है. इसमें केंद्र सरकार का नया सचिवालय, मंत्रालयों के कार्यालय और कई सरकारी आवास बनने हैं. इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'राजपथ' की जगह 'कर्तव्य पथ' का उद्घाटन कर रहे हैं.
नेताजी की प्रतिमा का अनावरण-
इस साल की शुरुआत में पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर इंडिया गेट के पीछे एक छत्र में उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था. तब कहा गया था कि इस स्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की मूर्ति स्थापित की जाएगी. अब यहां 28 फीट ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार है, पीएम मोदी आज इसका अनावरण करने जा रहे हैं. इससे पहले, सरकार ने इंडिया गेट के नीचे प्रकाशित 'अमर जवान ज्योति' को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शामिल किया था.
खास है इंडिया गेट की छत्र का इतिहास-
जिस छत्र के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित होने जा रही है, उसके नीचे पहले ब्रिटिश महाराजा किंग जॉर्ज पंचम की संगमरमर की मूर्ति थी. 1939 में स्थापित प्रतिमा को आजादी के बाद हटा दिया गया था और 1968 से छत्र खाली है. लेकिन अब यहां पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा आज स्थापित की गई है.
अमृतकाल के 5 प्राणों में से एक-
पीएम मोदी के संकल्पों में इस नए संस्करण को "लाल किले की प्राचीर से उनके स्वतंत्रता दिवस के भाषण से" जोड़ा जा रहा है. उस दिन पीएम मोदी ने आजादी के अमृत पर्व पर '5 संकल्प' लिए थे. ऐसे में नेताजी की प्रतिमा का अनावरण और राजपथ का नाम बदलने को 'गुलामी की मानसिकता से मुक्ति' के संकल्प से जोड़ा जा रहा है.
कई रंगारंग कार्यक्रम होंगे-
मुख्य समारोह उत्सव 8 सितंबर 2022 को कर्तव्य पथ पर रात 8.45 बजे से शुरू हुआ. साथ ही 9, 10 और 11 सितंबर 2022 को शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा. नेताजी के जीवन पर 10 मिनट का विशेष ड्रोन शो 9, 10 और 11 सितंबर 2022 को रात 8 बजे इंडिया गेट पर प्रस्तुत किया जाएगा. जनता के लिए सांस्कृतिक उत्सव और ड्रोन शो दोनों में प्रवेश निःशुल्क रहेगा. साथ ही आज प्रस्तुति के लिए कई रंगारंग कार्यक्रम भी तैयार किये गए हैं.