कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय सचिवालय को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने और उन्हें सभी तरह की मदद देने का निर्देश दिया है। ताकि निजी क्षेत्र में तेजी लाई जा सके और रोजगार सृजित किया जा सके। उन्होंने कहा कि, इस तरफ़ विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। पीएम ने हाल ही में हुई बैठक में दिए सभी सुझाव पर सचिवों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

राजीव गौबा ने कहा कि सरकार को आर्थिक विकास के लिए एक सूत्रधार और उत्प्रेरक एजेंट के रूप में कार्य करना चाहिए।यह स्पष्ट है कि भारतीय कंपनियों के निर्माण क्षेत्र में तेजी लाना जरुरी था। क्योंकि किसी को भी विश्व नेता बनने के लिए निजी कंपनियों द्वारा मदद की जरूरत है।

जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल को लिखे गए पत्र में मिशन मोड में छोटे अपराधों और उल्लंघनों को अपराध से मुक्त करने का भी आह्वान किया गया था। पत्र में आगे कहा गया है कि ऐसे सभी प्रावधानों की समीक्षा की जानी चाहिए और तदनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि इन प्रावधानों को समय पर हटाया या संशोधित किया जा सके।

रिक्त स्थानों की पूर्ति तुरंत करें :

पत्र में कहा गया है कि सभी मंत्रालय और विभाग वहां स्वीकृत सभी रिक्तियों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाएं। शिथिल कार्य करने की प्रवृत्ति से बचने की आवश्यकता पर बल देते हुए कैबिनेट सचिव गौबा ने आगे लिखा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूर्ण फोकस के साथ कार्य किया जाना चाहिए।