कांग्रेस में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और भारत जोड़ी यात्रा के बीच राजस्थान में सियासी संकट गहरा गया है। सचिन पायलट को कांग्रेस आलाकमान द्वारा अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना के बीच अशोक गहलोत का समर्थन करने वाले 82 विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
उधर, पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को निर्देश दिया कि वे एक-एक बागी विधायक से बात कर मामले को सुलझाएं। हालांकि रात भर चले सियासी ड्रामे के बाद भी विधायकों से बातचीत में कोई हल नहीं निकल पाया हैं।
दिल्ली लौटेंगे खड़गे और अजय माकन-
AICC पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन दोनों आज दिल्ली का दौरा करेंगे और उन्हें वहां की स्थिति से अवगत कराएंगे। इस ड्रामे के बीच बड़ी बात यह है कि असंतुष्ट विधायक निरीक्षकों से मिलने को तैयार नहीं हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि हाईकमान से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोनिया गांधी ने खड़गे और माकन को निर्देश दिया कि विवाद को सुलझाने के लिए एक-एक करके विधायकों से बात करें लेकिन यह संभव होता दिख नहीं रहा हैं।
असंतुष्ट विधायकों की 3 बड़ी शर्तें-
माकन और खड़गे ने देर रात विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर विधायकों को समझाने की कोशिश की। बात नहीं बनी और सभी विधायक अपने-अपने घर चले गए। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने घर जाने से पहले आलाकमान के सामने तीन शर्तें रखी हैं। सूत्रों ने बताया कि असंतुष्ट विधायक कह रहे हैं कि जब तक इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक कोई भी विधायक बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। साथ ही अगला सीएम गहलोत ख़ेमे से ही किसी को भी बनाया जाए और अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद ही सीएम पद से इस्तीफ़ा दें और अगले सीएम का ऐलान करें।
सियासी संकट में कांग्रेस या राजस्थान-
सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की। तभी से चर्चा थी कि गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम पद छोड़ना होगा और सचिन पायलट उनकी जगह लेंगे। सोनिया गांधी ने इसके लिए सचिन पायलट और अशोक गहलोत से चर्चा भी की थी। हालांकि, सचिन पायलट के बारे में कोई घोषणा होने से पहले ही राजस्थान में सियासी बगावत शुरू हो गई और अशोक गहलोत खेमे के करीब 82 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। फ़िलहाल राजस्थान में कांग्रेस का सियासी ड्रामा अभी भी जारी है।