भोपाल,

दंगे की आग शांत हो चुकी है और खरगोन सामान्य होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है लेकिन कांग्रेस और भाजपा ने इसे लेकर मोर्चा खोल रखा है। यह पैंतरेबाजी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर एफआईआर दर्ज होने के बाद ज्यादा तेज हुई हैं। इसी सिलसिले में कल जब भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने एक ट्वीट किया तो पूरी कांग्रेस हमलावर हो गई। 

दरअसल, विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर जो वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक शख्स कहता नजर आ रहा है कि 'हम जरा कुछ करे तो तहलका मचा देते हैं ये लोग, इतना डर काफी है तुम्हारे लोगों के लिए समझे ना। 

ये वीडियो पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि 'ये हैं खरगोन में चचाजान दिग्विजय के शांतिदूत पुलिस इन पर कार्यवाही न करे तो क्या करे? आस्तीन के सांप

कोई भी हो फन कुचलना जरूरी है।' उधर विजयवर्गीय के ट्वीट के कुछ देर बाद दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट किया और लिखा है कि 'कैलाश जी आपने जो वीडियो डाला है, वह खरगोन का नहीं है। जिस भाषा का उपयोग आपने किया है। वह भड़काने वाली है। क्यों ना शिवराज व नरोत्तम आपके खिलाफ मुकदमा दायर करें? मैं नहीं करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं, आपके आजकल 'अच्छे दिन' नहीं चल रहे हैं।' दिग्विजय के ट्वीट के बाद कैलाश ने ट्वीट किया "दिग्विजय जी आप अपनी आदत अनुसार मेरे ट्वीट के अर्थ का अनर्थ निकालने का प्रयास कर रहे है, जो कि सफल नहीं होगा। आप मेरा ट्वीट पुनः पढ़ें जिसका आशय बहुत स्पष्ठ है जिन शांतिदूतों के आप प्रकार बनते है वो अपराध करेंगे तो देश के किसी भी हिस्से में कार्यवाही से नहीं बच पाएंगे। 

बाद में कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि ट्वीट में जो वीडियो लगा है, उसकी भाषा से वह दूसरे राज्य का लग रहा है, मध्य प्रदेश का नहीं है। लोगों ने जो कमेंट्स किए हैं, उसमें लिखा है कि यह वीडियो मप्र का नहीं है। कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है।

लिहाजा जिस तरह से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर केस दर्ज हुआ है। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय के वीडियो की भी जांच होनी चाहिए। यदि यह वीडियो खरगोन का नहीं है, तो विजयवर्गीय के खिलाफ भी केस होना चाहिए। यह भी सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश है।

डीजीपी को ज्ञापन, सत्ताधारी दल की शिकायत:

उधर दारूल कज़ा व दारुल इफ्ता की भोपाल शाखा ने डीजीपी को ज्ञापन देकर कहा है कि खरगोन में रामनवमी जुलूस के समय मस्जिदों की दीवार पर चढ़कर भगवा झंडा लगाया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे सांप्रदायिक तनाव भड़क गया। प्रशासन द्वारा आनन फानन बिना जांच के कई मुस्लिम घर व दुकान तोड़ी गईं। दारूल कज़ा ने ज्ञापन में कहा है कि सत्ताधारी दल के लोग ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे तनाव और भड़के, लिहाजा कार्रवाई की जाए।

जिनके घर जले उन्हें हम बनाएंगे: 

शिवराज

उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि खरगोन दंगे में जिन लोगों के घर जले हैं, उनके घर सरकार बनाएगी। उन्होंने घर जलाए हैं, उनसे ही वसूली की जाएगी। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में डा.आंबेडकर जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हनुमान जन्मोत्सव, गुड फ्राइडे, ईद जैसे त्योहार प्रेम व भाईचारे से मनाइए। किसी भी जात, पात, धर्म के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी को सम्मान और सुरक्षा देगी।