कांग्रेस में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और भारत जोड़ो यात्रा के बीच राजस्थान में सियासी संकट गहराता जा रहा है। राजस्थान संकट को लेकर जयपुर से लौटे पर्यवेक्षक आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 24 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 30 सितंबर तक जारी रहेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और चुनाव के परिणाम 19 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे। फ़िलहाल इन तारीखों में कोई बदलाव कांग्रेस की तरफ से नहीं किया गया हैं।

सूत्रों के अनुसार, सियासी बगावत के बाद अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारी दाखिल करने की संभावना अब काफ़ी कम नजर आ रहीं है। कांग्रेस सूत्रों का मानना ​​है कि यह सियासी ड्रामा गहलोत के सीएम बने रहने के लिए विधायकों द्वारा किया जा रहा है।

सियासी ड्रामे की पूरी कहानी-

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक को सुलझाने के लिए भेजे गए AICC पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन दोनों दिल्ली वापस लौट लाए है और अब वह जल्द ही सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। 

अब कयास यह लगाया जा रहा है कि हाईकमान से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पर्यवेक्षकों को सोनिया गांधी ने निर्देश दिया था कि विवाद को सुलझाने के लिए एक-एक करके बागी विधायकों से बात करें लेकिन यह संभव नहीं हुआ क्योंकि विधायकों ने पर्यवेक्षकों से मुलाकात तक नहीं की। बागी विधायकों ने सियासी ड्रामें के बीच 3 बड़ी शर्तें हाईकमान के सामने रख दी है।

असंतुष्ट विधायकों की 3 बड़ी शर्तें-

बीते दिनों माकन और खड़गे ने देर रात विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर विधायकों को समझाने की कोशिश की। बात नहीं बनी और सभी विधायक अपने-अपने घर चले गए। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने घर जाने से पहले हाईकमान के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं। सूत्रों ने बताया कि असंतुष्ट विधायक कह रहे हैं कि जब तक इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक कोई भी विधायक बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। साथ ही अगला सीएम गहलोत ख़ेमे से ही किसी को भी बनाया जाए और अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद ही सीएम पद से इस्तीफ़ा दें और वहीं अगले सीएम का ऐलान करें।

सियासी संकट में कांग्रेस या गहलोत-

सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। तभी से चर्चा थी कि गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम पद छोड़ना होगा और सचिन पायलट उनकी जगह लेंगे। सोनिया गांधी ने इसके लिए सचिन पायलट और अशोक गहलोत से चर्चा भी की थी। हालांकि, सचिन पायलट के बारे में कोई घोषणा होने से पहले ही राजस्थान में सियासी बगावत शुरू हो गई और अशोक गहलोत खेमे के करीब 82 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। फ़िलहाल राजस्थान में कांग्रेस का सियासी ड्रामा अभी भी जारी है।