सर्दियों में राजधानी भोपाल में सियासी पारा फिर चढ़ गया है। भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मस्जिदों और मकबरे को लेकर अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस वजह से वह एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर हैं और भोपाल सांसद की मजार हटाने के निर्देश पर सियासत गरमा गई है।

कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा है कि सांसद प्रज्ञा ठाकुर विवादित बयानों के जरिए मुद्दों से भटका रही हैं और सुर्खियां बटोरने में जुटी हैं. एक बैठक में मजार हटाने के सख्त निर्देश पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि वह मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय हमेशा विवादित बयानों से राजनीति में सुर्खियां बटोरने की कोशिश करती हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि सांसद प्रज्ञा ठाकुर आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सिर्फ विवादित बयान देकर सुर्खियों में रहने की कोशिश की जा रही है।

अवैध मजारों के निर्माण पर उठाई आवाज
बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर शहर में अवैध मस्जिदों और मजारों के निर्माण के खिलाफ आवाज उठाती नजर आई हैं। एक दिन पहले भी उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि झील और सड़क के बीच की मजार बार बार बनती और टूटती है। आखिर अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल होने पहुंची भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अधिकारियों को किसी भी तरह के अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कार्रवाई के निर्देश
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पहुंचकर भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अधिकारियों को किसी भी तरह के अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, 'हमारा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि शहर के विकास से किसी भी तरह से समझौता नहीं करना है।

प्रज्ञा ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि आप अतिक्रमण के नाम पर फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। फुटओवर ब्रिज तो बन गया, लेकिन बीच में मजार कहां से आई? क्या वीआईपी रोड पर बनी मजार यातायात में बाधा नहीं? सबकी अपनी-अपनी धार्मिक भावनाएँ होती हैं, लेकिन उनके लिए उचित स्थान होना चाहिए। हमें इससे ऐतराज नहीं है।

इससे पहले भोपाल के केंद्रीय विद्यालय में एक मस्जिद का मामला सामने आया था। बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने तब भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने स्कूल परिसर के मस्जिद बनने के बाद बाहरी लोगों की आवाजाही को लड़कियों के लिए खतरा बताया था। सांसद ने बच्चों को भी सतर्क रहने की सलाह दी थी।