दुर्घटना से देर भली ये कहावत आप सभी ने कहीं न कहीं सुनी ही होगी। और अगर आप भी तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना पसंद करते हैं, तो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो देखें और इस वीडियो में दिए गए संदेश को खुद भी समझें और औरों को भी समझाएं।
वीडियो में एक महिला कुछ लोगों को सम्बोधित करते नज़र आ रही है। वे कहती हैं-भारत में हर साल एक लाख युवक स्पीड ड्रायविंग के कारण अपनी जान ले हाथ धो बैठते हैं। युवाओं का जोश में होना जोश दिखाना अच्छा होता है, लेकिन सड़क को सड़क ही रहने देना चाहिए उसे करतब दिखाने का मैदान न बनाइए।
युवाओं के लिए विशेष...
— Dipanshu Kabra (@ipskabra) July 12, 2022
हीरोगिरी, बहादुरी आदि तेज़ रफ़्तार से गाड़ी भगाने में नहीं, ज़िम्मेदारी से सुरक्षित यात्रा करनेे में है... pic.twitter.com/glbRg802sb
युवाओं को अगर अपनी प्रतिभा दिखानी है,तो मिल्खा सिंह की तरह तेज भागें या फिर नीरज चोपड़ा और देवेन्द्र झाझड़िया की तरह से भाला फेंक कर दिखाएं। मोटरसाइकिल या कार को तीव्र गति से भगाना कोई बहादुरी का काम नहीं है।
सड़क पर तेजी से गाड़ी भगाना केवल और केवल आपकी लापरवाही को ही उजागर करती है। सड़क पर तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाते समय हमारे युवा ये भी भूल जाते हैं, कि घर पर कोई उनका इंतज़ार कर रहा होगा। सड़क पर स्लो चलिए सेफ रहिए और यातायात के नियमों का पालन कीजिए।