भोपाल: राज्य सरकार के श्रम विभाग ने मप्र कारखाना नियम 1962 में बदलाव किया है। बदलाव के तहत, किसी भी खतरनाक उद्योग मसलन सीसे के लेपन, पेट्रोल गैस के उत्पादन, विलायक संयंत्र, बेनजीन पदार्थों के उपयोग में, पत्थरों को काटने की मशीनों, खतरनाक कीटनाशकों के भण्डारण कक्ष में किसी भी गर्भवती स्त्री या स्तनपान कराने वाली स्त्री, तरुण या बालक को नियोजित नहीं किया जायेगा तथा किसी भी स्त्री को मातृत्व हितलाभ उपबंधों के विरुध्द नियाजित नहीं किया जायेगा और उसे गर्भावस्था की कालावधि और छह माह के लिये स्तनपान की कालावधि के दौरान उसके नियोजन से वंचित नहीं किया जायेगा। यह नया प्रावधान आगामी 3 अक्टूबर 2025 के बाद पूरे प्रदेश में प्रभावशील किया जायेगा।
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खतरनाक उद्योगों में गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं व बच्चों को काम पर नहीं लगाया जा सकेगा
किसी भी खतरनाक उद्योग मसलन सीसे के लेपन, पेट्रोल गैस के उत्पादन, विलायक संयंत्र, बेनजीन पदार्थों के उपयोग में, पत्थरों को काटने की मशीनों, खतरनाक कीटनाशकों के भण्डारण कक्ष में किसी भी गर्भवती स्त्री या स्तनपान कराने वाली स्त्री, तरुण या बालक को नियोजित नहीं किया जायेगा..!!