नई दिल्ली. देश के 15वें राष्ट्रपति के लिए चुनाव के नतीजे आज आ जाएंगे. 18 जुलाई को इसके लिए वोटिंग हुई थी. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेंगे. हम आपको बता रहे हैं कि देश के राष्ट्रपति को क्या-क्या खास सुविधाएं मिलतीं हैं और उनके पास कौन सी शक्तियां होतीं हैं?
राष्ट्रपति हमारे देश का सर्वोच्च पद होता है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस राष्ट्रपति को शपथ दिलवाते हैं. राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना देश का कोई कानून पास नहीं हो सकता. देश के राष्ट्रपति को हर महीने 5 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलते हैं. सन 2018 तक 1.50 लाख रुपये सैलरी मिलती थी लेकिन इस सैलरी को बढ़ाकर तब 5 लाख रुपये कर दिया गया था. इसके अलावा देश के राष्ट्रपति को फ्री मेडिकल, टेलीफोन बिल, आवास, बिजली समेत कई भत्ते भी मिलते हैं.
इतना ही नहीं, जब राष्ट्रपति रिटायर हो जाते हैं तब भी उन्हें सैलरी का आधा यानि 2.5 लाख रुपये पेंशन मिलती है. इसके साथ ही उन्हें एक बंगला, दो मोबाइल फोन और लाइफटाइम फ्री इलाज की सुविधा भी मिलती है. पूर्व राष्ट्रपति को ट्रेन या हवाई मार्ग से यात्रा करने की सुविधा भी मिलती है. उन्हें एक सहयोगी के साथ ये यात्रा करने की सुविधा है.
देश के राष्ट्रपति को Mercedes-Benz S 600 Pullman Guard गाड़ी मिलती है. राष्ट्रपति के पास 86 स्पेशल गार्ड होते हैं, जिन्हें प्रेसिडेंशियल बॉडीगार्ड कहा जाता है. राष्ट्रपति नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में रहते हैं जोकि 320 एकड़ में फैला हुआ है. राष्ट्रपति भवन चार मंजिला भवन है. इसमें पूरे 340 भव्य कमरे हैं. यहां राष्ट्रपति भवन की इमारत के अलावा कर्मचारियों का भी आवास है. यहां मुगल गार्डन भी है जोकि राष्ट्रपति भवन का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है. ये 15 एकड़ में फैला है और इसे आम लोगों के लिए भी खोला जाता है.
राष्ट्रपति की शक्तियां
- राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है. राष्ट्रपति तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर हैं. उनका प्रमुख दायित्व प्रधानमंत्री की नियुक्ति करना और संविधान का संरक्षण करना है. उनकी मंजूरी के बिना कोई भी बिल पास नहीं होता. राष्ट्रपति मनी बिल को छोड़कर किसी भी बिल को संसद को पुनर्विचार को भेज सकते हैं.
- अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को माफ कर सकते हैं या निलंबित या कम कर सकते हैं. फांसी की सजा पाए गए दोषी पर भी वे फैसला ले सकते हैं.
- राष्ट्रपति ही भारत के चीफ जस्टिस, राज्य के हाईकोर्ट के जजों, राज्यपालों, चुनाव आयुक्तों और राजदूतों की नियुक्ति भी करते हैं.
- अनुच्छेद 352 के तहत भारत के राष्ट्रपति युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में देश में इमरजेंसी की घोषणा कर सकते हैं.
- किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र फेल होने पर राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर वहां राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं.
- भारत के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही कोई बिल कानून बनता है.
- राष्ट्रपति अपने अधिकारों का इस्तेमाल केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं. राष्ट्रपति केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए भी कह सकते हैं. लेकिन दोबारा वही सलाह मिलने पर राष्ट्रपति उसे मानने के लिए बाध्य हैं.