देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए NDA की ओर से ओडिशा की द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार घोषित किया गया है. 64 साल की मुर्मू झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं. वे ओडिशा के मयूरभंज से विधायक रहीं और दो साल तक मंत्री भी रहीं. मंगलवार को जब उन्हें एनडीए की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने की सूचना दी गई तो वे भावुक हो उठीं. उनकी पुत्री ने बताया कि शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मोबाइल पर इस बात की जानकारी देते हुए बधाई दी. द्रौपदी मुर्मू उस समय केवल धन्यवाद ही बोल सकीं. राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने की घो​षणा के बाद से ही उन्हें बधाई देनेवालों के फोन आने प्रारंभ हो गए. देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा.

इधर बुधवार को सुबह राष्ट्रपति पद केंडिडेट द्रौपदी मुर्मू रोज की तरह सोकर उठीं. नित्य क्रियाओं और स्नान के बाद वे सीधे मंदिर जा पहुंची. ओडिशा के रायरंगपुर में रह रहीं द्रौपदी मुर्मू शिव मंदिर गईं. यहां उन्होंने मंदिर की सफाई की और इसके बाद पूजा-अर्चना भी की. राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर में बाकायदा झाड़ू लगाई. इसके बाद उन्होंने शिवजी की विधि विधान से पूजा की.

मुर्मू अपना नामांकन पत्र 25 जून को दाखिल कर सकती हैं। ओडिशा की रहने वाली मुर्मू 64 साल की हैं. झारखंड की नौंवी राज्यपाल रहीं द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मूलत: मयूरभंज की रहने वाली हैं। वे ओडिशा के ही रायरंगपुर से विधायक भी रह चुकी हैं। वे पहली उड़िया नेता हैं जिन्हें राज्यपाल बनाया गया। मुर्मू झारखंड की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल थीं। इससे पहले वे भाजपा-बीजद गठबंधन सरकार में मंत्री भी रहीं। वोटों के गणित के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत तय मानी जा रही है.

नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया 15 जून को शुरू हो चुकी है। इसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 जून है। जरूरत पड़ने पर 18 जुलाई को चुनाव कराए जाएंगे और 21 जुलाई को नतीजे आ जाएंगे।