प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कल सुबह मप्र के जिस कूनो-पालपुर अभयारण्य में चीतों को छोड़ने आना है,वह भारी बारिश की चपेट में हैं और सारे इंतजाम अस्त व्यस्त होने लगे हैं। कुछ बदलाव भी हुए हैं। चीतों को लेकर विमान अब जयपुर के बजाय ग्वालियर आएगा, यहां से उन्हें कूनो ले जाया जाएगा। अभी कूनो में आलम यह है कि पीएम की सुरक्षा के लिये भारी-भरकम |

दस्ते कीचड़ में फंस गये हैं। इनकी करीब 90 गाड़ियां न आगे बढ़ पा रही हैं न पीछे। मोदी कल ग्यारह बजे यहां पहुंचकर नामीबिया से आए 8 चीतों को जंगल में छोड़ेंगे,यह 70 साल बाद भारत में चीतों की पुनर्बासाहट । का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। सूत्रों का कहना है कि पूरे चंबल संभाग में हो रही जोरदार बारिश के बीच कल सुरक्षा दस्ते यहां पहुंचे हैं।

अब सुरक्षा अधिकारियों का लोक निर्माण विभाग पर दबाव है कि वे आनन फानन सड़क मार्ग तैयार करें,ताकि पीएम का काफिला दिक्कत में न फंसे। विभाग की मुश्किल यह है कि इतने कम समय में और बारिश की परिस्थितियों में कैसे सड़क बनाई जाए। जंगल में सड़के वैसे भी आमतौर पर बनाई नहीं जाती। ज्ञात हो मोदी की सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किये जा रहे हैं। करीब दस किमी के इलाके को नो फ्लाइजोन भी घोषित किया गया है।

इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज वरिष्ठ अफसरों के साथ पीएम मोदी के दौरा कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा की,उन्होंने नामीबिया से आ रहे चीतों और उनके लिये किये गये प्रबंधों की भी जानकारी ली। श्योपुर में सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों का एक कार्यक्रम भी आयोजित किया है जिसमें मोदी शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार पांच सौ वर्ग किलोमीटर का चीतों के लिये बनाया गया विशेष बाड़ा पूरी तरह से तैयार है। इसी बाड़े के पास चार हेलीपैड बनाकर तैयार किये गए हैं, जिन पर चीतों को लाने वाला चॉपर उतरेगा। यहीं पर ही प्रधानमंत्री और अन्य विशेष अतिथियों के हेलीकॉप्टर उतरेंगे। हेलीपैड से तीन सौ मीटर की दूरी पर बाड़े का मुख्य द्वार है। 

निगरानी के लिए चौकियां

कल कूनो पालपुर नेशनल पार्क में आने के तीन से चार महीने बाद चीते जंगल में खुले छोड़े जाएंगे। तब वे पार्क से बाहर न जाएं, इस पर काम शुरू हो गया है। कूनो से सटे शिवपुरी और राजस्थान के बारां जिले की सीमा पर निगरानी चौकी बनाई जा रही हैं। जंगल में छोड़े जाने के बाद इन चौकियों से निगरानी होगी।

वहीं चीतों को सैटेलाइट कालर भी लगाया जा रहा है। जिससे प्रत्येक चार घंटे में उनकी लोकेशन ली जाएगी। आईओसी देगा 50 करोड: इंडियन आयल कारपोरेशन मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाकर बसाए जा रहे चीतों की परियोजना के लिए कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 50.22 करोड़ रुपये देगा। यह राशि चार वर्ष में दी जाएगी।