भोपाल। देश की निजी विमानन कंपनियों ने मप्र सरकार को किराये का विमान शार्ट एवं लांग टर्म पर देने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। राज्य के विमानन विभाग ने इस संबंध में गत अक्टूबर माह में इन कंपनियों से ऑफर मंगाये थे लंकिन कोई भी कंपनी सामने नहीं आई है। इसीलिये अब राज्य सरकार नीड बेसिस (आवश्यक्ता आधारित) पर किराये का विमान लेने पर बाध्य है। इससे राज्य सरकार को अधिक किराया भुगतान करना पड़ रहा है।
देश की निजी विमानन कंपनियां इसलिये शार्ट एवं लांग टर्म पर किराये का विमान उपलब्ध नहीं कर रही हैं क्योंकि कुछ दिनों बाद उप्र सहित कुछ राज्यों की विधानसभाओं के आम चुनाव होने हैं जिसमें उन्हें राजनैतिक दलों सहित अन्य व्यक्तियों की भारी भरकम बुकिंग मिल रही है तथा वह भी अधिक किराया राशि पर। राज्य का विमानन विभाग इसीलिये स्वयं के राजकीय विमान को क्रय करने में लगी है।