भोपाल। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने अवैध परिवहन करने वाली एक फर्म का निजी मंडी चलाने का लायसेंस रद्द कर दिया है। यह फर्म मेसर्स कपिल एण्ड संस सिविल वार्ड नं 90, गांधी आश्रम के पास दमोह है। मंडी बोर्ड द्वारा लायसेंस निरस्तीकरण आदेश में कहा गया है कि कंपनी द्वारा मप्र कृषि उपज मण्डी (एक से अधिक मण्डी क्षेत्रो के लिये विशेष अनुज्ञप्ति) नियम-2009 (यथा संशोधित) के अधीन विशेष अनुज्ञप्ति प्राप्त किये जाने हेतु प्रारूप-एक मे आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसमे कृषि उपज मण्डी समिति हटा, जबेरा एवं दमोद मे उत्पादकों से कृषि उपज क्रय करने हेतु 3 क्रय केन्द्र की स्थापना के लिए अनुज्ञप्ति फीस रूपये 20 हजार की डीडी एवं संशोधित नियम-2009 के नियम 6 के अधीन राशि रुपये 3 लाख की भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दमोह की एफडीआर प्रबंध संचालक राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के नाम से है, जिसकी अवसान तिथि 31 अगस्त 2026 तक की है, संलग्न की गई थी।

नियम के प्रावधान अंतर्गत संबंधित मण्डी सचिव तथा संभागीय उपसंचालक से क्रय केन्द्र के प्रस्तावित स्थान की जांच कर रिपोर्ट प्राप्त की गई जिसमे तीनो मंडी सचिवों के प्रतिवेदन के आधार पर संयुक्त संचालक आंचलिक कार्यालय सागर के द्वारा फर्म कपिल एण्ड संस दमोह और इससे संबंधित 4 कंपनियों के अवैध परिवहन जैसी अनियमिताओ में संलिप्त होने से मंडी अधिनियम के विपरीत क्रियाकलापो में संलग्नता के कारण इनके विरूद्ध एफआईआर तथा न्यायालयीन प्रकरण विचाराधीन होना भी सूचित किया गया।

इसलिये उपरोक्त आधार पर फर्म कपिल एण्ड संस दमोह द्वारा विशेष अनुज्ञप्ति नियम मे निर्धारित मापदंडो की पूर्ति नही करने से उनके विशेष लायसेंस के आवेदन को अमान्य किया जाता है तथा फर्म को अनुज्ञप्ति फीस रूपये 20,000 एवं प्रतिभूति राशि रूपये 3 लाख की भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दमोह की एफडीआर मूलत: वापस की जाती है।