हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार संकट में है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बीच विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इधर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। कांग्रेस सरकार पांच साल तक चलेगी। हमारे पास बहुमत है।
अब हिमाचल पॉलिटिकल क्राइसिस को लेकर अब प्रियंका गांधी का बयान सामने आया है। उन्होंने हिमाचल के सियासी संकट को लेकर अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है।
प्रियंका ने लिखा- लोकतंत्र में आम जनता को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार है। हिमाचल की जनता ने अपने इसी अधिकार का इस्तेमाल किया और स्पष्ट बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनाई। लेकिन भाजपा धनबल, एजेंसियों की ताकत और केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करके हिमाचल वासियों के इस अधिकार को कुचलना चाहती है। इस मक़सद के लिए जिस तरह भाजपा सरकारी सुरक्षा और मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है, वह देश के इतिहास में अभूतपूर्व है। 25 विधायकों वाली पार्टी यदि 43 विधायकों के बहुमत को चुनौती दे रही है, तो इसका मतलब साफ है कि वो प्रतिनिधियों के खरीद-फरोख्त पर निर्भर है। इनका यह रवैया अनैतिक और असंवैधानिक है। हिमाचल और देश की जनता सब देख रही है। जो भाजपा प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़ी नहीं हुई, अब प्रदेश को राजनीतिक आपदा में धकेलना चाहती है।
आपको बता दें, हिमाचल में सियासी संकट के बीच प्रदेश विधानसभा ने ध्वनि मत से बजट पारित कर दिया, सदन में विपक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दी गई है। 14 फरवरी से शुरू हुआ बजट सत्र तय समय से एक दिन पहले ही खत्म हो गया।