भोपाल: जंगल महकमे में शोध का विषय बन गया है कि 31 जनवरी को राज्य वन सेवा से आईएफएस के लिए प्रमोट हुए सहायक संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पिपरिया अशोक मर्सकोले का 6 महीने बाद भी डीएफओ के पद पर पोस्टिंग नहीं हो पाई. जबकि उनके साथ 23 राज्य वन सेवा से आईएफएस के लिए प्रमोट हुए थे.

इनमें 22 अफसरों को डीएफओ के पद पर पदस्थ कर दिया गया किन्तु मर्सकोले की पोस्टिंग नहीं की गई. दिलचस्प पहलू यह है कि मर्सकोले की पोस्टिंग को लेकर राज्य शासन बेखबर है. इस संबंध में वन विभाग की सचिव पदमप्रिया कहती हैं कि मर्सकोले ने कभी सूचना भी नहीं दी कि वे एसडीओ के पद पर अभी भी कार्य कर रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि जनवरी में प्रमोट हुए डीएफओ की पोस्टिंग सूची में अशोक मर्सकोले का प्रस्ताव रायसेन डीएफओ के पद के लिए था. इसकी अनुशंसा मुख्यमंत्री सचिवालय से भी हुई थी किंतु मंत्रालय तक पहुंचते-पहुंचते उनका नाम पोस्टिंग सूची से गायब हो गया. ऐसा क्यों किया गया, यह शोध का विषय है? इस सवाल का जवाब पीसीसीएफ प्रशासन-आरके यादव से लेकर सचिव वन पदमप्रिया के पास भी नहीं है.

वन विभाग के मुखिया आरके गुप्ता ने यह बात जरूर बताई कि लंबित प्रस्तावों में मर्सकोले का नाम शामिल है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य वन सेवा के सुशील प्रजापति  बिना आईएफएस के पद पर प्रमोशन 8 महीने तक प्रभारी उपसंचालक सतपुरा टाइगर रिजर्व के पद पर पदस्थ रहे. इनका प्रमोशन भी लेट हुआ और उसके बाद इनकी पोस्टिंग डीएफओ हरदा उत्पादन के पद पर कर दी गई. जबकि मर्सकोले अभी भी पोस्टिंग की प्रत्याशा में बतौर राज्य वन सेवा अवसर के रूप में काम कर रहे हैं.

रिक्त है डीएफओ के कई पद-

वन विभाग में ऐसा भी नहीं है कि डीएफओ के पद रिक्त न हो. जानकारी के अनुसार, 4 पद डीएफओ के रिक्त हैं. इनमें छिंदवाड़ा पश्चिम, मंडला पश्चिम, अशोकनगर और राजगढ़ शामिल है. यही नहीं उत्पादन शाखा में भी डीएफओ के कई पद रिक्त पड़े हैं.

बन बिगड़ रहे हैं सीसीएफ की पोस्टिंग के प्रस्ताव-

मंगलवार को वन मंत्री के साथ फॉरेस्ट अफसरों की बैठक हुई. इस बैठक में  एपीसीसीएफ और सीसीएफ के अलावा डीएफओ के पद पर प्रस्तावित पदस्थापना पर चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, सीसीएफ की पोस्टिंग को लेकर माथापच्ची चल रही है. उनके प्रस्ताव बन बिगड़ रहे हैं. फिलहाल तैयार प्रस्ताव के अनुसार वर्किंग प्लान कंप्लीट करने वाली राखी नंदा को सीसीएफ होशंगाबाद के पद पर पदस्थ किए जाने का प्रस्ताव था.

अब इस प्रस्ताव में संशोधन कर संचालक वन विहार में पदस्थ करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है. इसी प्रकार पूर्व में सचिव वन पदम प्रिया का प्रस्ताव संचालक वन विहार के पद पर था. इसमें संशोधित कर उन्हें अनुसंधान विस्तार भोपाल के पद पर पदस्थ की जाने पर मंथन चल रहा है. वर्तमान संचालक वन विहार हरीश गुप्ता के पास अनुसंधान एवं विस्तार भोपाल का प्रभार भी है.

प्रस्तावित प्रस्ताव के अनुसार हरीश गुप्ता को सीपीएफ होशंगाबाद के पद पर पदस्थ किए जाने पर मंथन चल रहा है. होशंगाबाद सीसीएफ का पद 3 महीने से रिक्त है. इसी प्रकार एपीसीसीएफ मोहन मीणा के निलंबन के बाद से ही बैतूल सीसीएफ अतिरिक्त प्रभार में चल रहा है. यह प्रभार वर्किंग प्लान तैयार करने वाले अनिल कुमार सिंह के पास है. अनिल कुमार सिंह के पास सीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार बैतूल का भी प्रभार है.

सूत्रों के अनुसार अनिल कुमार सिंह को सीसीएफ सागर और सागर सीसीएफ अमित दुबे को सीसीएफ छतरपुर के पद पर पदस्थ किया जा सकता है. सीसीएफ छतरपुर पीपी टिटारे इस माह रिटायर हो रहे हैं. वर्किंग प्लान कंप्लीट करने वाले प्रफुल्ल फुलजले को सीसीएफ बैतूल, राजेश खरे को सीसीएफ भोपाल और देवास सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सीसीएफ के पद पर पदस्थ करने का प्रस्ताव है.

धाकड़ बन सकते हैं सीईओ कैंपा-

राजनीतिक रसूखदार महेंद्र सिंह धाकड़ एपीसीसीएफ प्रशासन-दो को सीईओ कैंपा के पद पर पदस्थ करने का प्रस्ताव है. पीसीसीएफ प्रशासन-दो के पद पर एपीसीसीएफ हरिशंकर मोहंता को सीसीएफ इंदौर से प्रशासन-दो, उनकी पत्नी कोमोलिका मोहंता एपीसीसीएफ वर्किंग प्लान से एपीसीसीएफ आईटी शाखा के रिक्त पद पर पदस्थ करने पर मंथन चल रहा है.

वर्तमान में इसका प्रभार यूके सुबुद्धि सीईओ बांस मिशन के पास है. सुबुद्धि भी प्राइम पोस्टिंग के लिए फील्डिंग कर रहे हैं. संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बीएस अन्नागिरी एपीसीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार भोपाल के पद पर मंथन चल रहा है. इन पदों पर भी जुगाड़ बैठाई जा रही है.