भोपाल,
प्रदेश के आईटीआई के प्रशिक्षकों को अब सिंगापुर भेजा जाएगा। जहां वह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन में ट्रेनिंग लेंगे। वहीं प्रदेश के हर आईटीआई को उद्योग जगत से जोडने और युवा उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स की अनुशंसा अनुसार आईटीआई प्रशिक्षण में ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के अलावा आगामी प्रशिक्षण सत्र से एक वर्ष के पाठ्यक्रम में 15 दिवसीय और 2 वर्ष के पाठ्यक्रम में 30 दिवसीय इंटर्नशिप कराये जाने के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। यह निर्णय तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में लिए गए हैं। तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की अध्यक्षता में विभाग की समीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रदेश में अब आईटीआई 238 हुई
विभाग के निर्माण कार्यों की साइट पर स्टूडेंट्स करेंगे इंटर्नशिप
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के निर्माण कार्यों की साइट पर इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल संकाय के विद्यार्थी इंटर्नशिप कर सकेंगे। इससे चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। वहीं सभी शासकीय इंजीनियरिंग, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के अंत में 10 टॉपर विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
संचालक कौशल विकास जितेन्द्र सिंह राजे ने बताया कि नवीन शासकीय आईटीआई गैरतगंज, बक्सवाहा एवं चितरंगी की स्वीकृति के बाद प्रदेश में संचालित शासकीय आईटीआई की संख्या बढ़कर 238 हो गई है। उन्होंने बताया कि एक जिला-एक उत्पाद में शासकीय आईटीआई बैतूल में प्रशिक्षणरत कारपेंटर व्यवसाय के 10 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास के लिये एड्वास वुड वर्किंग ट्रेनिंग सेंटर इंस्टीट्यूट ऑफ वुड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बेंगलुरु में एक माह के प्रशिक्षण पर भेजा गया है। प्रशिक्षणार्थियों ने काष्ठ कार्यों में सीएनसी मशीन प्रोग्रामिंग, 2 डी 3 डी डिजाइनिंग से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया है।