भोपाल : राज्य के वन विभाग ने अपने एक भारतीय वन सेवा के अधिकारी विश्वनाथ एस होतगी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के यूपीएससी को भेज दिया है। इससे पहले भी यह प्रस्ताव भेजा गया था परन्तु उस समय इसे यह कहकर लौटा दिया गया था कि होतगी के खिलाफ जितनी भी जांचे चल रही हैं पहले उनका निबटारा किया जाये। अब चूंकि सभी जांचें पूर्ण कर ली गई हैं, इसलिये दोबारा यह प्रस्ताव भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल होतगी का भिण्ड डीएफओ पद से तबादला कर भोपाल स्थित वन मुख्यालय में पदस्थ किया गया था। तब से वे मुख्यालय में अपनी ज्वाईनिंग नहीं दे रहे हैं। इस बीच सहकारिता मंत्री अरविन्द भदौरिया ने भी उन्हें पुन: भिण्ड डीएफओ पदस्थ करने की अनुशंसा की थी जो स्वीकार नहीं हुई। वर्ष 1994 बैच के होतगी तीन साल बाद रिटायर होने वाले हैं। वे अनियमितता करने पर 23 नवम्बर 2013 स 10 जून 2014 तक निलम्बित भी रहे हैं। उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिये बीस वर्ष की सेवा एवं पचास वर्ष की आयु सीमा पूरी करने करने के फार्मूले के तहत भेजा गया है।