सार-

योजना के विरोध में शुक्रवार सुबह से फिर प्रदर्शन शुरू, बिहार के 9 जिलों में जमकर बवाल, मध्यप्रदेश भी पहुँची विरोध की आग। 

विस्तार-

सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध की आग थमती नज़र नहीं आ रही है। योजना के विरोध में शुक्रवार सुबह से फिर प्रदर्शन शुरू हो गए। बिहार में प्रदर्शनकारियों ने 6 ट्रेन में आग लगा दी। कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक और सड़क जाम है।

 

डिप्टी सीएम रेणु देवी के सरकारी आवास पर पथराव की खबर है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर भी 4 बसों में तोड़फोड़ की गई है।

बिहार के 9 जिलों में ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में जमकर बवाल हो रहा है। शुक्रवार को समस्तीपुर में 2, लखीसराय में 2, आरा और सुपौल में एक-एक यात्री ट्रेन में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी।

 

कई जिलों में रेलवे ट्रैक पर आगजनी और रेलवे स्टेशन पर उग्र छात्रों ने तोड़फोड़ की है। प्रदर्शनकारी सुबह से ही रेलवे ट्रैक पर डट गए हैं। इससे रेल संचालन प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

इससे पहले गुरुवार को ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध के आग अब मध्यप्रदेश भी पहुंच गई। ग्वालियर में विरोध पर कर रहे युवकों पर पुलिसकर्मी ने आंसू गैस के गोले छोड़े। ग्वालियर में विरोध करने वाले बिरला नगर रेलवे स्टेशन में घुसे और तोड़ फोड़ कर ट्रेन का ट्रैक अवरुद्ध करने का प्रयास किया। विरोध पर रेलवे स्टेशन में घुसने को उतारू युवकों पर पुलिसकर्मी ने आंसू गैस के गोले छोड़ कर खदेड़ा गया। 

अभ्यर्थी केंद्र सरकार की 'अग्निपथ योजना' को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे केवल चार साल के लिए नौकरी के लिए तो सालों से तैयारी नहीं कर रहे हैं। 

साथ ही अभ्यर्थियों का विरोध इस बात पर भी है कि अब सेना में जितनी भी भर्तियां होंगी, वो अग्निपथ स्कीम के तहत ही होंगी। पुराने मेडिकल या फिजिकल टेस्ट को नहीं माना जाएगा। भर्ती के लिए युवाओं को अग्निपथ स्कीम के तहत ही अप्लाई करना होगा।

गौरतलब है कि 14 जून को केंद्र सरकार ने सेना की तीनों शाखाओं (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए अग्निपथ भर्ती योजना की घोषणा की है। इसके तहत नौजवानों को सिर्फ 4 साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी। 

माना जा रहा है कि सरकार ने ये कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है।