श्रीलंका में एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। 14 नवंबर को नए राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे अपना पहला बजट पेश करने जा रहे हैं। इससे पहले लोग सड़कों पर उतरकर नई सरकार का विरोध कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि सरकार आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम करे। नया राष्ट्रपति मिलने के बाद भी आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है।
इस दौरान श्रीलंकाई 70 वर्षों में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अब श्रीलंका में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। श्रीलंका के सबसे बड़े शहर कोलंबो में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने कर वृद्धि, महंगाई और लोगों के सरकारी दमन के विरोध में मार्च निकाला।
मार्च का आयोजन सरकार का विरोध करने वाले विपक्षी दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शहर के उस इलाके में पहुंचने की कोशिश की जहां राष्ट्रपति भवन और कई अन्य मंत्रालय स्थित हैं। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां पहुंचने से रोक दिया।
आपको बता दें कि श्रीलंका इस साल विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड गिरावट के कारण गहरे वित्तीय संकट की चपेट में है। इस वजह से यहां पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और दवाइयां समेत खाद्य सामग्री भी महंगी हो गई है। श्रीलंका आयातित सामानों के भुगतान के लिए भी लगातार संघर्ष कर रहा है।