भोपाल। राज्य सरकार ने राज्यपाल, सीएम एवं विधानसभा के सचिव को मिलने वाले प्रोटोकाल को एक पायदान नीचे खिसका दिया है।

दरअसल राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने ग्यारह साल पहले 23 दिसम्बर 2011 को राज्य प्रोटोकाल के लिये पूर्वता क्रम जारी किया था। इसके 30 नंबर पर राज्यपाल के सचिव, सीएम के सचिव एवं विधानसभा के सचिव का नाम उल्लेखित था जिसका अब लोप कर दिया गया है तथा इनके नाम 31 नंबर पर डाल दिये गये हैं। अब 31 नंबर पर जो नाम डाले गये हैं उनमें शामिल किये गये हैं : सुपर टाईम स्केल आयुक्त, संभागों के आयुक्त, मप्र शासन के सचिव-राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव-विधानसभा के सचिव व समकक्ष श्रेणी के अधिकारी, रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय, एडीजीपी, संभागीय रेल प्रबंधक रेल्वे तथा अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक।

इसी प्रकार, राज्य सरकार पूर्वता क्रम की सूची में से वह उपबंध यानि टीप क्रमांक 5 को हटा दिया है जिसमें कहा गया है कि नगर निगम के महापौर उनकी अधिकारिता क्षेत्र में राज्य के उपमंत्री से नीचे की श्रेणी में होंगे। दरअसल पूर्वता क्रम के 22 नंबर में उल्लेखित हैं : उपमंत्री,  संसदीय सचिव, शासकीय मुख्य सचेतक एवं विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष। उल्लेखनीय है कि उक्त पूर्वता सारणी के क्रम राज्य के लिये तथा समारोह अवसरों के लिये बनाये गये हैं ताकि पहले क्रम वाले व्यक्तियों को दूसरे क्रम के व्यक्तियों के मुकाबले ज्यादा प्रोटोकाल या स्थान दिया जायेगा।