एक तरफ जहां सफाई की दौड़ में राजधानी भोपाल का प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में है, वहीं निगम का स्वच्छता अभियान भी विवादों का पर्याय बनता जा रहा है. अब भोपाल नगर निगम स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए अपशिष्ट पॉलीथिन पर राजा भोज की तस्वीर छापकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर राजा भोज की तस्वीर के साथ एक कचरा पॉलीथिन वायरल हो गया है और इसे राजा भोज का अपमान माना जा रहा है।
कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने भोपाल नगर निगम प्रशासन की निंदा करते हुए इसे राजा भोज का अपमान बताया है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
नगर निगम भोपाल ने प्रचार अभियान के चक्कर में राजा भोज को #कचरे की #बोरी पर छाप दिया है... जो कि घोर निंदनीय है
— P. C. Sharma (@pcsharmainc) February 3, 2022
मैं राजा भोज का अपमान करने वाले भोपाल नगर निगम प्रशासन की #निंदा करता हूँ
और संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी #कार्यवाही की माँग करता हूँ। #Pcsharmainc pic.twitter.com/8RZH7JD4H5
कांग्रेस नेता व्रजेंद्र शुक्ला ने भी कुछ ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है. उन्होंने लिखा कि अभियान के बाद राजा भोज की तस्वीर कूड़ेदान पर छापना शर्म की बात है. निगम को संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
नगर निगम भोपाल ने प्रचार अभियान के चक्कर में राजा भोज को #कचरे की #पन्नी पर छापा
— Vrajendra Shukla (@vijendra_inc) February 3, 2022
राजा भोज का अपमान करने वाले नगर निगम प्रशासन की में #निंदा करता हूँ
और संबंधित अधिकारी के विरूद्ध #कार्यवाही की मांग करता हूँ।@INCBhopal @BMCBhopal @pcsharmainc @CollectorBhopal @digvijaya_28 pic.twitter.com/SKRUc6Teyq
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में राजा भोज की तस्वीर कूड़ेदान के ठीक बीचोंबीच नजर आ रही है. यह तस्वीर एक बड़ी झील में राजा भोज की आजीवन मूर्ति की तरह दिखती है। तस्वीर के नीचे बीएमसी (भोपाल नगर निगम) भी लिखा हुआ है।
इससे पहले भोपाल नगर निगम फिल्म अभिनेता रजा मुराद को हाइजीन एंबेसडर बनाने को लेकर चर्चा में था। रजा मुराद को स्वच्छता दूत बनाया गया और नगर निगम ने महज 24 घंटे में उन्हें हटा दिया। जिन तर्कों पर रजा मुराद को हटाया गया, उन्होंने कई सवाल खड़े किए और इसे राजनीति से भी जोड़ा गया।
स्वच्छता सर्वेक्षण में राजधानी भोपाल का प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में है। 2017 और 2018 में, भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में दूसरे स्थान पर रखा गया था, लेकिन 2019 में भोपाल का स्थान 19वें स्थान पर आ गया। इसके बाद साल 2020 में भोपाल फिर से 12वीं रैंक पर पहुंच गया और इस बार उसे सातवां रैंक मिला है।