प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब और पड़ोसी राज्यों सहित केंद्र शासित प्रदेशों के निवासियों को विश्वस्तरीय कैंसर सुविधा उपलब्ध कराने वाले ‘होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं अनुसंधान केंद्र’ का पंजाब के मोहाली में उद्घाटन किया।

इस हॉस्पिटल को 660 करोड़ रुपये की लागत से टाटा मेमोरियल सेंटर ने निर्मित किया है। इस कैंसर हॉस्पिटल में 300 बिस्तरों की क्षमता होगी। यह हॉस्पिटल कैंसर के सभी प्रकारों के इलाज के लिये हर आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

पीएम मोदी ने किया उद्घाटन - देखिये लाइव  

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इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में देश नए संकल्पों को प्राप्त करने की तरफ आगे बढ़ रहा है। आज का ये कार्यक्रम भी देश की बेहतर होती स्वास्थ सेवाओं का प्रतिबिंब है। होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर से पंजाब, हरियाणा के साथ ही हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी लाभ होने वाला है। भारत को विकसित बनाने के लिए उसकी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विकसित होना उतना ही जरूरी है। जब भारत के लोगों को इलाज के लिए आधुनिक अस्पताल मिलेंगे, आधुनिक सुविधाएं मिलेंगीं, तो वो और जल्दी स्वस्थ होंगे, उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगेगी।

उन्होंने कहा कि आज होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के तौर पर देश को एक आधुनिक हॉस्पिटल मिला है। इस आधुनिक सुविधा के निर्माण में केंद्र के टाटा मेमोरियल सेंटर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये सेंटर देश-विदेश में अपनी सेवाएं उपलब्ध करा कर कैंसर के मरीजों का जीवन बचा रहा है। अच्छे हेल्थकेयर सिस्टम का मतलब सिर्फ चार दीवारें बनाना नहीं होता। किसी भी देश का हेल्थकेयर सिस्टम तभी मजबूत होता है, जब वो हर तरह से समाधान दे, कदम-कदम पर उसका साथ दे। इसलिए बीते 8 वर्षों में देश में होलिस्टिक हेल्थकेयर को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत में स्वास्थ के क्षेत्र में जितना काम पिछले 7-8 साल में हुआ है, उतना पिछले 70 साल में भी नहीं हुआ। आज स्वास्थ के क्षेत्र के लिए गरीब से गरीब को आरोग्य की सुविधा के लिए आज एक नहीं, दो नहीं, छह मोर्चों पर एक साथ काम करके देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारा जा रहा है। पहला मोर्चा प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने का है। दूसरा मोर्चा गांव-गांव में छोटे और आधुनिक अस्पताल खोलने का है। तीसरा मोर्चा शहरों में मेडिकल कॉलेज और मेडिकल रीसर्च वाले बड़े संस्थान खोलने का है।  चौथा मोर्चा देशभर में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का है। पांचवा मोर्चा मरीजों को सस्ती दवाइयां, सस्ते उपकरण उपलब्ध कराने का है। छठा मोर्चा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मरीजों को होने वाली मुश्किलें कम करने का है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देश भर में कैंसर से जुड़े करीब 40 विशेष संस्थान स्वीकृत किए हैं, जिनमें से अनेक अस्पताल सेवा देना शुरू भी कर चुके हैं। अस्पताल बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी पर्याप्त संख्या में अच्छे डॉक्टरों का होना, दूसरे पैरामेडिक्स उपलब्ध होना भी है। 2014 से पहले देश में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज थे। यानि 70 साल में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज। वहीं बीते 8 साल में 200 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज देश में बनाएं गए हैं।हमारी सरकार ने 5 लाख से ज्यादा आयुष डॉक्टर्स को भी, एलोपैथी डॉक्टर की तरह मान्यता दी है। इसलिए भारत में डॉक्टर और मरीजों के बीच अनुपात में भी सुधार हुआ है।