गैस सिलेंडर में एक से तीन किलो तक कम गैस की शिकायत को लेकर अब इंडियन आयल कंपनी एक्शन मोड में आ गई है। कम्पनी अब एलपीजी सिलेंडर पर क्यूआर कोड लगाने की पहल कर रही है। इससे एलपीजी सिलेंडर आपूूर्तिकर्ता और वितरकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।
ग्राहकों की अक्सर शिकायत रहती है कि उन्हें मिलने वाले सिलेंडर का वजन कम है। अब गैस सिलेंडर पर क्यू आर कोड लगने से बाटलिंग से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। पहले चरण में करीब 20 हजार एलपीजी सिलेंडर पर क्यूआर कोड लगेगा।
ऐसा होने से उपभोक्ता अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद आसानी से वजन की जानकारी हासिल कर सकेंगे। क्यूआर कोड का मेटल स्टीकर लगे होने से इसकी ट्रैकिंग भी आसान होगी। इसके अलावा इस प्रकार के सिलेंडर में कितनी बार गैस भरा गया यह भी जानकारी मिल जाएगी।
केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक़ प्लांट से निकलने वाले हर एलपीजी पर बार कोड लगा होगा। इससे सिलेंडर आपूर्तिकर्ता गैस चोरी नहीं कर पाएगा और बार कोड से भी छेड़छाड़ नही कर पाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि कि दो से तीन महीने बार कोड लगे एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।