राहुल गांधी ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान केरल में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने रुख पर कायम हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

फिर उन्होंने अध्यक्ष पद को लेकर कहा था कि एक गैर-गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। हालांकि राहुल को फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की आवाज पार्टी की ओर से तेज होती नजर आ रही है। इसके लिए पिछले 3 सालों में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी राहुल गांधी को मनाने की कई कोशिशें कीं।

हाल ही में जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की घोषणा हुई। इसके बाद से ही ये प्रयास काफ़ी तेज हो गए। करीब 10 राज्यों में कांग्रेस इकाइयों ने भी राहुल गांधी के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया। इसके बावजूद भी फ़िलहाल राहुल गांधी अध्यक्ष बनने से इनकार कर रहे हैं।

अध्यक्ष पद को लेकर राहुल गांधी का बड़ा बयान-

अध्यक्ष पद के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पिछली बार ही इस पर स्पष्ट जबाव दे दिया था। मैं अभी भी अपने (गैर-गांधी बने अध्यक्ष) पुराने विचारों से जुड़ा हुआ हूं। मैंने इसे कई बार दोहराया है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का पद एक वैचारिक पद है। यह एक विश्वास प्रणाली की तरह है। मेरा मानना ​​है कि जो कोई भी कांग्रेस का अध्यक्ष बने, उसे कांग्रेस के इस विश्वास और विचारधारा का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।