संसद के बजट सत्र से पहले इज़राइल का पेगासस जासूसी मामला फिर से सामने आया है। देश में एक बार फिर राजनीतिक दल पेगासस के भूत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स (द न्यूयॉर्क टाइम्स) द्वारा पेगासस की खरीद का खुलासा किए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर एक अंग्रेजी अखबार की कटिंग पोस्ट की और कहा कि मोदी सरकार ने इसे हमारे लोकतंत्र का प्राथमिक निशाना बनाया है. पेगासस को संगठनों, राजनीतिक नेताओं और जनता की जासूसी करने के लिए खरीदा गया था। फोन टैप कर सत्ता पक्ष, विपक्ष, सेना, न्यायपालिका सभी को निशाना बनाया गया है. यह देशद्रोह है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया। "मोदी सरकार ने किया देशद्रोह"
मोदी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की प्राथमिक संस्थाओं, राज नेताओं व जनता की जासूसी करने के लिए पेगासस ख़रीदा था। फ़ोन टैप करके सत्ता पक्ष, विपक्ष, सेना, न्यायपालिका सब को निशाना बनाया है। ये देशद्रोह है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 29, 2022
मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है। pic.twitter.com/OnZI9KU1gp
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ट्वीट किया, "मोदी सरकार ने भारत के दुश्मन की तरह काम क्यों किया और भारतीय नागरिकों के खिलाफ युद्ध के हथियारों का इस्तेमाल किया?" खडगे ने कहा, "अवैध जासूसी के लिए पेगासस का इस्तेमाल करना देशद्रोह है।" कानून से बढ़कर कुछ नहीं। हमें न्याय की उम्मीद है।
Modi Govt bought Pegasus to spy on our primary democratic institutions, politicians and public. Govt functionaries, opposition leaders, armed forces, judiciary all were targeted by these phone tappings. This is treason.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 29, 2022
Modi Govt has committed treason.
भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "मोदी सरकार को न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे को खारिज कर देना चाहिए। इस्राइली कंपनी एनएसओ ने पेगासस को 300 करोड़ रुपये में बेचा। पहली नज़र में ऐसा लगता है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और संसद को गुमराह किया है.
Modi government must rebut New York Times revelations today that It did indeed subscribe by payment from tax payers money of ₹ 300 crores to spyware Pegasus sold by Israeli NSO company. This implies prima facie our Govt misled Supreme Court and Parliament. Watergate ?
— Subramanian Swamy (@Swamy39) January 29, 2022
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत ने 2017 में रक्षा दिवस के दौरान इजरायल से स्पाइवेयर खरीदा था। इसने कहा कि मोदी सरकार ने इसे 2 बिलियन डॉलर के रक्षा पैकेज के हिस्से के रूप में खरीदा था जिसमें स्पाइवेयर और मिसाइल सिस्टम "फोकल पॉइंट" थे। इस मुद्दे पर राहुल गांधी पहले ही सरकार पर निशाना साध चुके हैं.