कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा कल 23 नवंबर को बुरहानपुर के रास्ते महाराष्ट्र से मप्र में प्रवेश कर रही है। राहुल महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले गांव बोदरली से एंट्री करेंगे। यह यात्रा करीब तेरह दिन तक मप्र के विभिन्ना अंचलों से गुजरते हुए राजस्थान की ओर बढ़ जायेगी। खास बात यह है कि वे नेहरू-गांधी परिवार के चौथे शख्स हैं, जो बुरहानपुर आ रहे हैं। 41 साल पहले 1980 में पहली महिला प्रधानमंत्री और राहुल की दादी इंदिरा गांधी बुरहानपुर आई थीं। तीन दिन यहां रुकी भी थीं।
बताया जाता है कि जिस बोदरली गांव से राहुल गांधी यात्रा निकाल रहे हैं, उसी गांव में इंदिरा गांधी ने रात 2 बजे टॉर्च की रोशनी में चुनावी सभा को संबोधित किया था। वे यहां पूर्व सांसद ठाकुर शिवकुमार सिंह के चुनाव प्रचार के लिए आई थीं व तीन दिन तक बुरहानपुर और नेपानगर में प्रचार किया था। कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बुरहानपुर में प्रतिमा अनावरण करने आ चुकी हैं।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद
यात्रा के दौरान राहुल गांधी विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को इस व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। प्रयास यह है कि प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों को राहुल गांधी से मिलवाया जाए। पार्टी के सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों से भी मुलाकात प्रस्तावित की गई है।
यात्रा की रोज एक थीम
यात्रा रोजाना एक थीम के साथ आगे बढ़ेगी। लोक और बलिदानी सम्मान के साथ प्रदेश में बुरहानपुर के बोदरली गांव से यात्रा प्रवेश करेगी। नारी सम्मान के साथ यह आगर मालवा से होते हुए प्रदेश से विदा लेगी। जिस दिन जो थीम रहेगी, उस दिन उससे जुड़े लोग भी यात्रा में साथ चलेंगे। 23 नवंबर को यात्रा लोक सम्मान के रूप में आएगी। यात्रा के सांस्कृतिक प्रभारी मुकेश नायक का कहना है कि थीम पर रोजाना ध्वजारोहण के बाद लोगों से संवाद होगा । बलिदानी सम्मान यात्रा में पूर्व सैनिक और रिटायर्ड पुलिसकर्मी राहुल गांधी के साथ चलेंगे। पूर्व सैनिक अपने अनुभव शेयर करेंगे। किसानों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, खिलाड़ी, कलाकार न केवल इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ चलेंगे, बल्कि उनसे रोजाना बातचीत भी होगी।