दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को मंत्री के करीबी माने जाने वाले एक व्यक्ति के परिसरों पर छापेमारी की। ईडी ने उसके परिसर से 2.82 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। इसके अलावा 1.80 किलो के सोने के सिक्के भी जब्त किये गए है।

ईडी अधिकारी ने बताया कि हाल ही में की गई कार्रवाई पीएमएल-ए के तहत हुई है। ईडी द्वारा नकदी जब्त किए जाने के बाद दिल्ली सरकार और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उन्हें (सत्येंद्र जैन) पद्मश्री देने की बात कर रहे थे। केजरीवाल के मुताबिक ये ईमानदार आदमी है। लेकिन सत्येंद्र जैन का भ्रष्टाचार सिर्फ एक झलक है, असली चेहरा कोई और ही है।

ईडी ने आगे बताया कि "राम प्रकाश ज्वैलर्स लिमिटेड"के परिसर से 2.23 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। कंपनी के निदेशक- वैभव जैन, अंकुश जैन और नवीन जैन मनी लॉन्ड्रिंग में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्येंद्र जैन के साथ सहयोग कर रहे थे। सीबीआई के मुताबिक, सत्येंद्र जैन, अंकुश जैन और वैभव जैन चार कंपनियों के निदेशक हैं। सत्येंद्र जैन ने मंत्री बनने के बाद निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। आपको बता दे कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री 1 जून से ईडी की हिरासत में हैं।

ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामले में क़ानूनी कार्रवाई के तहत जैन के घर और अन्य स्थानों पर छापे मारे गए थे। सत्येंद्र जैन 9 जून तक ईडी की हिरासत में रहेंगे। ईडी ने जैन को अप्रैल में कलकत्ता की एक कंपनी से जुड़े 4.82 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।

ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज FIR के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। जिसमें यह दावा किया गया है कि सत्येंद्र जैन चार कंपनियों में शेयरधारक बने हुए थे और वह इस बारे में उचित स्पष्टीकरण नहीं दे सके कि उन्हें फंड कैसे मिला। ईडी ने कहा कि जैन ने कुछ मुखौटा कंपनियां खरीदीं और उनसे 16.39 करोड़ रुपये का काला धन निकाला। जैन की गिरफ्तारी के बाद आप और बीजेपी के बीच नई जंग छिड़ गई है।