भारतीय रेलवे यात्री सेवाओं के लिए कई नियम बनाती है। इसके साथ ही इन नियमों में समय-समय पर बदलाव भी किया जाता है। इन नियमों को ठीक करना रेल मंत्री का काम है। हाल ही में रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान दी जाने वाली रियायतों को बंद करने को लेकर काफी चर्चा हुई थी।
इस खबर को लेकर काफी समय से लोगों में संदेह है कि यह खबर सच है या नहीं। क्योंकि, कोरोना काल में इस रियायत को बंद कर दिया गया था, जिसके चलते इस फैसले को तत्काल और अस्थायी माना गया था, लेकिन अब संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी है।
रेलवे द्वारा सीनियर सिटीजन को रेल टिकट किराए में दी जाने वाली छूट अब बंद कर दी जाएगी। ये खबर काफी चर्चा में है। इसे लेकर काफी समय से लोग संदेह जता रहे थे। लेकिन अब इस मामले पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात को साफ़ कर दिया है, कि सीनियर सिटीजन को अब रेल टिकट में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत फिर से शुरू नहीं की जाएगी। साफ है कि कोरोना काल में रोकी गई वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत फिलहाल बंद रहेगी और यह फिर से शुरू होगी या नहीं इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह बयान तब दिया जब उनसे इस मामले को लेकर सवाल किया गया। जो महाराष्ट्र के निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने पूछा था।
दरअसल, महाराष्ट्र से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी से पूछा, 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में छूट कब से शुरू होगी? इसके जवाब में अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'रेलवे ने पिछले साल यात्री सेवाओं पर 59 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है, जो बहुत बड़ी रकम है।
यह आंकड़ा कई राज्यों के सालाना बजट से भी ज्यादा है। रेलवे को हर साल वेतन बिल पर 97,000 करोड़ रुपये और पेंशन बिल पर 60,000 करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। इन सबके अलावा रेलवे 40 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ईंधन खरीदने पर खर्च करता है।
पिछले साल हमने यात्रियों को 59 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है। नई सुविधाएँ पेश की जा रही हैं। अगर नए फैसले लेने हैं तो हम लेंगे, लेकिन फिलहाल सभी को देखना चाहिए कि रेलवे की हालत ठीक नहीं है।