गहलोत सरकार के खिलाफ सचिन पायलट फिर से बगावत का बिगुल बजाते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गुरुवार को अजमेर से 'जन संघर्ष यात्रा' शुरु की है। सचिन पायलट ने यात्रा के पहले दिन ही वसुंधरा राजे सरकार के साथ ही अशोक गहलोत पर भी बड़ा प्रहार किया है। साथ ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी बड़ा संदेश दिया है।
पायलट की जनसंघर्ष यात्रा के पोस्टर में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका वाड्रा के फोटो नहीं हैं। जनसंघर्ष यात्रा के पोस्टर में सिर्फ सोनिया गांधी की तस्वीर ही दिखाई दी। माना जा रहा ही कि पोस्टर के बहाने इस बार पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी बड़ा सन्देश दे दिया है।
पायलट ने जन संघर्ष यात्रा के पहले दिन कहा कि वसुंधरा जी के कार्यकाल में लगातार भ्रष्टाचार हुआ। उस समय मैंने अध्यक्ष रहते हुए आरोप लगाए थे। हमने जनता को ये आश्वासन दिया था कि सत्ता में आएंगे तो दूध का दूध पानी का पानी करेंगे। मैंने मौजूदा मुख्यमंत्री को 1.5 साल तक लगातार चिट्ठी लिखी कि वसुंधरा राजे सरकार के समय लगे आरोपी की जांच होनी चाहिए। परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पायलट का कहना था, कि पिछले कुछ समय में लगातार पेपर लीक हुए। बात युवाओं के भविष्य की है। कौन-कौन लोग इस पेपर लीक के पीछे हैं मैंने ये बात उठाई थी। जांच पूरी हुई नहीं और कहा गया कि कोई अधिकारी कोई नेता इसमें शामिल नहीं है।
बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले 'गहलोत बनाम पायलट' की राजनीति उलझती जा रही है। पायलट के इस कदम ने कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है। कुछ महीने पहले राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राजस्थान आए थे और उस समय कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही थी कि पार्टी एक है। लेकिन, सचिन पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान कांग्रेस में सब ठीक नहीं है।