उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक लाउडस्पीकर को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का एक बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि, मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाकर कोई नया विवाद पैदा करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा, अगर कोई मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाने आता है तो उनकी पार्टी मस्जिद की रक्षा करेगी और लाउडस्पीकर हटाने का भी विरोध करेगी।
कुछ समय पहले रामदास आठवले खोपोली में अम्बेडकर संस्कार भवन के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। यहां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मैं नरेंद्र मोदी के साथ हूं, मेरी पार्टी बीजेपी के साथ है। हम देवेंद्र फडणवीस के साथ भी है। लेकिन लाउडस्पीकर हटाने की बात नहीं की जानी चाहिए। क्योंकि आप मंदिर में लाउडस्पीकर लगा सकते हैं। आप हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। तो फ़िर इस तरह के बयान से नया विवाद खड़ा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक फैला लाउडस्पीकर का मुद्दा-
फिलहाल लाउडस्पीकर का मामला यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक फैल गया है। हाल ही में, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने एक अल्टीमेटम दिया कि 3 मई तक राज्य की सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि, अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो हमारे कार्यकर्ता राज्य भर की मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के फैसले के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना भी की है। ठाकरे ने कहा, मैं सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए योगी सरकार का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। दुर्भाग्य से, महाराष्ट्र में कोई योगी नहीं हैं लेकिन यहां लाउडस्पीकर से सभी पीड़ित हैं।
यूपी में धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर-
यूपी में अब तक धार्मिक स्थलों से 21,963 लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं। वहीं 42,332 पूजा स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद कर दिए गए हैं। यूपी सरकार के अनुसार, प्रशासन ने अब तक 29808 धर्मगुरुओं से इस अभियान को लेकर संवाद किया है और उनके सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा हैं।