श्रीलंका में नए राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई है। रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति चुने गए। इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में रानिल के पक्ष में 134 सांसदों ने वोट किया। पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने इस्तीफा देने से पहले रानिल विक्रमसिंघे को अपना उत्तराधिकारी चुना था। लेकिन प्रदर्शनकारियों को या फ़ैसला पसंद नहीं हैं, क्योंकि वे उन्हें गोटबाया राजपक्षे का करीबी मानते हैं।

श्रीलंका में आज हुए राष्ट्रपति चुनाव में रानिल विक्रमसिंघे को राजपक्षे परिवार के वर्चस्व वाली SLPP पार्टी का समर्थन प्राप्त था। श्रीलंका की 225 सदस्यीय संसदीय व्यवस्था में SLPP पार्टी का बहुमत है। विश्लेषकों का कहना है कि रानिल विक्रमसिंघे नए राष्ट्रपति की दौड़ में सबसे आगे हैं।

रानिल विक्रमसिंघे छह बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया ने इस्तीफा देने से पहले रानिल विक्रमसिंघे को अपना उत्तराधिकारी बताया था। लेकिन प्रदर्शनकारियों को रानिल विक्रमसिंघे पसंद नहीं हैं, क्योंकि वे उन्हें गोटबाया राजपक्षे का करीबी मानते हैं। प्रदर्शनकारी पहले से ही रानिल विक्रमसिंघे के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे। लेकिन अब इस फैसले के बाद से ही प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन के पास हंगामा करने लगे है।