तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव पटना पहुंचे तो भावी प्रधानमंत्री और विपक्षी एकता की चर्चा ने फिर गति पकड़ ली है। राव ने यहां सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की। माना जा रहा है कि 2013 के बाद 2022 में फिर से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़े होने वाले नीतीश कुमार को केसीआर विपक्ष का नेता घोषित कर देंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
If KCR had any hopes of leading the 3rd/4th/5th front - Nitish Kumar has effectively ended those by embarrassing him in the most brutal manner pic.twitter.com/NuskfJLUtP
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) September 1, 2022
जब केसीआर से पूछा गया विपक्षी एकता होने के बाद विपक्षी दलों का नेता और 2024 में प्रधानमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा? तो सवाल सुनकर नीतीश कुमार कुर्सी छोड़ खड़े हो गए, तब केसीआर ने नीतीश का हाथ पकड़ कर उन्हें बिठाया और कहा कि नीतीश कुमार देश के उत्तम और वरिष्ट नेता है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार से इस बात पर सहमति बन चुकी है कि 2024 में किसी भी प्रकार से भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देना है।
जब पटना में केसीआर से पूछा गया कि 2024 में विपक्ष का नेता कौन बनेगा? तो इस पर केसीआर ने कहा कि आप क्यों जल्दबाजी कर रहे हैं। बैठकर बात करने दीजिए। हमलोग जरूर बैठेंगे। तेलंगाना के सीएम का जवाब पूरा भी नहीं हुआ था कि उससे पहले ही नीतीश कुमार खड़े हो गए और बोले कि चलिए हो गया। इसके बाद केसीआर ने नीतीश कुमार से कहा कि बैठिए। नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए बैठ जाते हैं। तब केसीआर कहते हैं कि अभी हम लोग बातचीत करेंगे। नेता का हमलोग चुनाव करेंगे। हड़बड़ी क्या है।
वहीं भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर चटखारे ले रही है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि "केसीआर ने नीतीश कुमार को पीएम उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं किया और सीधे तौर पर इनकार कर दिया। नीतीश कुमार ने बार-बार उठकर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर आने की कोशिश की लेकिन केसीआर ने उनसे बैठने का आग्रह करते रहे।