भोपाल। राज्य शासन ने अनियमितता के दोषी जल संसाधन विभाग के तीन कर्मियों की पेंशन से वसूली के आदेश जारी किये हैं। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन मंडल रीवा एवं बाणसागर पक्का बांध मंडल देवलोंद जिला शहडोल के अंतर्गत पदस्थापना के दौरान मंडल कार्यालय में प्राप्त निविदाओं की शेड्यूल दरों में कांट-छांट करने, उपरिलेखन एवं सुधार किये जाने पर पांच व्यक्ति यथा तत्कालीन सहायक यंत्री एनएस सिसोदिया, तत्कालीन अनुभागीय अधिकारी डीपीएस बागरी, तत्कालीन संलग्न अधिकारी बीके सिंह, तत्कालीन सहायक वर्ग-1 रामभूषण तिवारी एवं मानचित्रकार अनिल कुमार राय दोषी पाये गये थे। 

इनमें सेवारत बीके सिंह एवं अनिल कुमार राय को दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के दण्ड से दण्डित कर प्रकरण समाप्त किया गया है तथा रिटायर हो गये एनएस सिसोदिया, डीपीएस बागरी एवं रामभूषण तिवारी को उनकी पेंशन से दो-दो वार्षिक वेतन वृद्धि के बराबर राशि वसूलने का आदेश देकर दण्डित किया गया है व प्रकरण समाप्त कर दिया गया है।

परिनिन्दा से दण्डित :

इधर वि/या लाट मशीनरी नलकूप एवं गेट उपसंभाग क्रमांक-2 जबलपुर में पदस्थ रहे अनुविभागीय अधिकारी एसके गुप्ता को उनके ट्रांसफर पश्चात कार्यभार हस्तांतरण के समय अनुविभाग का जावक रजिस्टर नवनियुक्त अनुविभागीय अधिकारी को हस्तांतरित नहीं किये जाने के कारण 15 जुलाई 2014 को निलंबित किया गया था और विभागीय जांच में उन्हें परिनिंदा की शास्ति से दण्डित किया गया। उनकी निलम्बन की अवधि 15 जुलाई 2014 से 6 फरवरी 2015 की अवधि का अब निराकरण करते हुये उन्हें दिये जीवन निर्वाह भत्ते की राशि काटकर शेष वेतन एवं भत्ते दिये जाने और निलंबन की अवधि को कत्र्तव्य की अवधि मानने का आदेश जारी किया गया है और प्रकरण समाप्त कर दिया गया है।