मध्यप्रदेश की टीम ने  रणजी ट्रॉफ़ी का पहली बार ख़िताब जीत इतिहास रच दिया। चेन्नई में खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में मध्यप्रदेश की टीम ने मजबूत मुंबई को 6 विकेट से हराया। इस ऐतिहासिक लम्हे पर मध्यप्रदेश के कोच चंद्रकांत पंडित भावुक हो गए और उनकी आँखें छलक पड़ीं। इस ऐतिहासिक लम्हे ने चंद्रकांत पंडित के 23 साल पुराने सपने को जख्म को फिर ताजा कर दिया। 

मध्यप्रदेश की टीम को पहली बार खिताब जिताने वाले कोच चंद्रकांत पंडित 23 साल पहले इसी मैदान पर मध्यप्रदेश के कप्तान के रूप में रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में उतरे थे। तब मध्यप्रदेश को कर्नाटक ने फ़ाइनल मुकाबले में हरा दिया था। अब 23 साल बाद कप्तान के रूप में चंद्रकांत पंडित जो इतिहास नहीं रच पाए उसे उन्होंने कोच के रूप में रच दिया। 

इस बीच एक बार भी मध्यप्रदेश की टीम फाइनल मुकाबले तक का सफर तय नहीं कर पाई थी। वहीं इन 23 सालों में चंद्रकांत पंडित ने मुंबई को तीन और विदर्भ को दो बार बतौर कोच चैंपियन बनाया। चंद्रकांत पंडित को दो साल पहले मध्य प्रदेश ने अपना मुख्य कोच बनाया था। शुरुआत में नतीजे पक्ष में नहीं रहे लेकिन आलोचना के बाद भी चंद्रकांत पंडित ने अपने तरीकों को नहीं बदला और अब टीम को खिताब जिताने में  कामयाब रहे। 

मध्यप्रदेश ने मुंबई को 6  विकेट से हरा कर उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश को दूसरी पारी में जीत के लिए 108 रनों का लक्ष्य मिला था जो उसने चार विकेट के नुक़सान पर हासिल कर लिया।  मध्य प्रदेश के लिए दूसरी पारी में हिमांशु मंत्री ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। वहीं पहली पारी के शतकवीर शुभम शर्मा ने 30 रन की पारी खेली। रजत पाटीदार 30 और कप्तान आदित्य श्रीवास्तव 1 रन बनाकर नाबाद रहे। 

इससे पहले पांचवें दिन मुंबई की दूसरी पारी 269 रन पर सिमट गई। मध्य प्रदेश के लिए दूसरी पारी में कुमार कार्तिकेय ने सर्वाधिक चार विकेट लिए।  दो-दो विकेट गौरव यादव और पार्थ साहनी के हिस्से में आए। पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर मध्यप्रदेश को दूसरी पारी में 108 रनों का लक्ष्य मिला जो उसने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। 

मध्य प्रदेश की टीम ने पहली पारी में 536 रन बनाकर 162 रनों की बड़ी बढ़त हासिल की थी। इसके बाद एमपी की खिताबी जीत लगभग तय नजर आ रही है।  रजत पाटीदार,  यश दुबे और शुभम शर्मा ने  मध्यप्रदेश के लिए शतकीय पारी खेली थी। यश दुबे ने 133 रनकी यादगार  पारी खेली थी वहीं रजत पाटीदार ने 122 और और शुभम ने 116 रन बनाये थे। मैच के दूसरे दिन मुंबई की पहली पारी 374 रनों पर सिमट गई थी। सरफराज खान ने सर्वाधिक 134 रन बनाए थे। मध्यप्रदेश के लिए गौरव यादव ने 4 और अनुभव अग्रवाल ने 3 विकेट झटके थे।