भोपाल: मप्र कैडर के 1985 बैच के आईएफएस अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय रिटायर्ड होने के बाद भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं.

हाल ही में उन्हें भारत सरकार के अंतर्गत  राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) नवरत्न  कंपनी विशाखापट्टनम आईईएम ( स्वतंत्र बाहरी मॉनिटर ) के रूप में नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल 3 साल का होगा. वे प्रदेश के पहले रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी हैं जिन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है.

सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी उपाध्याय नियुक्ति केंद्रीय सतर्कता आयोग (cvc) के माध्यम से हुई है. यह पदस्थापना कंपनी के कार्यों में पारदर्शिता लाने की मंशा से भारत सरकार ने की है. यानी एक करोड़ से अधिक के टेंडर बिना उपाध्याय की स्वीकृति से जारी नहीं हो सकेंगे. नवरत्न कंपनी विशाखापट्टनम का सालाना कारोबार 28000 करोड़ रुपए का है.

वर्तमान में वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत बलमेर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक है. इस कंपनी में उनका कार्यकाल जुलाई 22 में पूरा हो रहा है. इसके पहले ही उन्हें भारत सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंप दी है.  

85 बैच के आईएफएस अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय 28 फरवरी 17 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर दिल्ली से रिटायर हुए थे. रिटायर होने के बाद उपाध्याय बिहार के जैव विविधता विशेषज्ञ के रूप में पदस्थापना की गई थी. 2019 में 180 करोड़ का प्रोजेक्ट  भारत सरकार में वापसी की.