राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को प्रमुख इमाम, डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी सहित कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। RSS के करीबी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हिज़ाब विवाद, ज्ञानवापी और धर्मों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भागवत के अलावा, डॉ कृष्ण गोपाल, इंद्रेश कुमार, रामलाल और करिश कुमार सहित RSS के वरिष्ठ सदस्यों ने भी इस बैठक में भाग लिया। RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का इस बैठक के बारे में कहना है, कि बैठक 'संवाद' प्रक्रिया का एक हिस्सा थी। अंबेकर ने कहा, " सरसंघचालक जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों से मिलते हैं। यह एक सतत सामान्य संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है।"
आरएसएस के करीबी सूत्रों के अनुसार, संघ के विचारों के प्रचार और धार्मिक समावेश के विषय को बढ़ावा देने के लिए ये बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में ज्ञानवापी विवाद, हिजाब विवाद और जनसंख्या नियंत्रण जैसी हालिया घटनाओं पर चर्चा हुई। हिजाब को लेकर कर्नाटक कॉलेज से शुरू हुआ विवाद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। खुफिया एजेंसियों के निष्कर्षों में यह भी सामने आया कि विवाद को ट्रिगर करने के पीछे PFI का हाथ था।
बैठक में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एस वाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल (एलजी) नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल ज़मीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और व्यवसायी सईद जैसे कई बुद्धिजीवियों ने भी भाग लिया। इससे पहले राम मंदिर के फैसले के समय भी RSS सक्रिय था। RSS के वरिष्ठ सदस्यों ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात में ये संदेश दिया कि जो भी आदेश आएगा, उसे सभी शांतिपूर्वक स्वीकार करेंगे।