सरकार तैयार कर रही नए प्रावधान

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क हादसे रोकने के लिए समग्र तौर पर काम करने का प्रयास किया जाने लगा है। उत्तराखंड बस हादसे के बाद तो प्रदेश का परिवहन विभाग इसी लाइन पर तेजी से काम कर रहा है। सड़क हादसे रोकने के लिए सरकार ने एक कैबिनेट कमेटी भी बनाई है। 3 सदस्यीय इस कैबिनेट कमेटी में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत,पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को शामिल किया गया है। सड़क हादसे कम करने के लिए यह समिति उठाए जाने वाले कदमों पर सरकार को एक रिपोर्ट देगी। इसके बाद सरकार उस पर कानून आदि बनाकर अमल करवाएगी।

राज्य सरकार रोड सेफ्टी के उपायों पर नये सिरे से विचार कर रही है। सड़क हादसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार नया रोड सेफ्टी प्लान बना रही है। इसमें भारी वाहनों के ऑपरेटर्स और ड्राइवर्स के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। नए रोड सेफ्टी प्लान के तहत प्रदेश में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक खोलने की तैयारी की जा रही है। भारी वाहनों के ड्राइवरों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। उसमें पास होने के बाद ही ड्राइवर को हेवी ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाएगा। इसके साथ ही लंबी दूरी वाली बस ऑपरेटर्स को कम से कम दो ड्राइवर रखना होगा। दो ड्राइवर होने का प्रमाण पत्र बस मालिकों को हर हाल में देना होगा। 

सड़क हादसे रोकने के लिए सरकार ने एक कैबिनेट कमेटी भी बनाई है। इस कैबिनेट कमेटी में पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को शामिल किया गया है। यह समिति सड़क हादसे कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर एक रिपोर्ट सरकार को देगी। फिर सरकार के स्तर पर उस पर अमल किया जाएगा।