बीस सीटर क्षमता तक वाहन दौड़ सकेंगे..

इस नीति का खाका हाल में पचमढ़ी में शिवराज काबीना की चिंतन बैठक में बना था तथा बाद में कैबिनेट में मंजूरी मिलते ही ग्रामीण अंचलों में सुगम एवं सस्ती लोक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने की कवायद शुरू हो गई है। 

चूंकि परिवहन नीति का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में क्रियान्वयन किए जाने हेतु विदिशा जिले को चुना गया है। लिहाजा अफसरों की तेजी व तत्परता भी ज्यादा है अब करीब 15 सौ किमी का मार्ग चुन लिया गया है ।।

बताया जाता है कि नीति क्रियान्वयन के पायलट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश मुकेश जैन इन दिनों विदिशा में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा बस संचालकों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। 

बीते दिनों उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक ली। इसमें परिवहन जैन के साथ कलेक्टर विदिशा उमाशंकर भार्गव, पुलिस अधीक्षक मोनिका शुक्ला, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मुकेश टंडन, जिला परिवहन अधिकारी विदिशा गिरिजेश वर्मा एवं विदिशा बस संचालक यूनियन के लोग भी मौजूद थे। 

जैन ने कहा कि 1 मई 2022 से आगामी 6 माह तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विदिशा जिले में क्रियान्वित होगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू करने की की योजना है।

कर में छूट, पांच लाख ग्रामीणों को..

ग्रामीण परिवहन के लिए विदिशा जिले में कुल 76 ग्रामीण मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 1513 किलोमीटर होती है। इन ग्रामीण मार्गों एवं इसके इसके आसपास 546 ग्राम स्थित है, जिससे 4 लाख 70 हजार ग्रामीण जनसंख्या प्रस्तावित नीति से लाभान्वित होगी नीति के तहत मार्ग पर 7-1 से 20+1 बैठक क्षमता के वाहनों के संचालन की अनुमति होगी तथा वाहनों को मध्यप्रदेश मोटरयान अधिनियम 1991 के तहत देय मासिक मोटरयान कर में पूरी छूट दी जाएगी। 

इसके अलावा परिवहन सेवा के रूप में निरंतर 6 माह तक संचालित वाहनों के संचालकों द्वारा उक्त संचालन से अर्जित किए गए रूलर ट्रांसपोर्ट क्रेडिट के विरुद्ध निर्धारित मूल्यानुसार प्रोत्साहन राशि आगामी छमाही में वाहन संचालक को प्रदान की जाएगी।