यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ही केंद्र सरकार अब तक ऑपरेशन गंगा के तहत 11,000 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश ला चुकी है। एयर एशिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे 170 नागरिकों का स्वागत करने के बाद विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने यह जानकारी दी। मुरलीधरन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस बारे में ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, अब तक 11,000 भारतीयों को यूक्रेन से स्वदेश लाया जा चुका है। वी मुरलीधरन ने कहा, नई दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया से 170 भारतीयों को बाहर निकालते हुए देखकर खुशी हुई।
#OperationGanga is in full swing, with over 11,000 Indians evacuated from Ukraine so far.
— V. Muraleedharan (@MOS_MEA) March 4, 2022
Happy to have received a group of 170 Indians at New Delhi airport, evacuated through @AirAsiaIndia
Thank our Missions, foreign governments, & volunteers for their constant support. pic.twitter.com/LUuyhS7LAU
साथ ही भारतीय वायु सेना ने आज ट्वीट करते हुए लिखा कि, ऑपरेशन गंगा के तहत पिछले 24 घंटों में पोलैंड, रोमानिया और स्लोवाकिया के हवाई क्षेत्रों से 629 भारतीय नागरिकों को निकालते हुए, IAF के तीन C-17 विमान हिंडन एयरबेस पर लौट आए। इसके अलावा विमानों ने प्रभावित देश को 16.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई।
#WATCH | Indian students stuck in Ukraine return home on special flights and reunite with their families. Visuals from Delhi airport. #RussiaUkraineCrisis pic.twitter.com/INJYNrW6gM
— ANI (@ANI) March 5, 2022
पिछले 24 घंटों में 4000 नागरिक आए भारत :
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि 'ऑपरेशन गंगा' के तहत अब तक 48 उड़ानें भारत पहुंच चुकी हैं, जिनमें से पिछले 24 घंटों में 18 उड़ानें पहुंची हैं। इन 18 उड़ानों से लौटने वाले भारतीयों की कुल संख्या करीब 4000 है। भारत यूक्रेन के पश्चिमी पड़ोसियों जैसे रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड से अपने नागरिकों को विशेष उड़ानों से निकाल रहा है। रूस के हमले के कारण यूक्रेन का हवाई क्षेत्र 24 फरवरी से बंद है।
यूक्रेन में घायल छात्र का खर्च उठाएगी भारत सरकार:
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने यूक्रेन की राजधानी कीव में गोली लगने से घायल हुए एक भारतीय छात्र हरजोत सिंह के चिकित्सा खर्च को वहन करने का फैसला किया है। हरजोत का कीव अस्पताल में इलाज चल रहा है। 27 फरवरी को, हरजोत कीव छोड़ने के प्रयास में पश्चिमी यूक्रेनी शहर लिव के रास्ते में दो लोगों के साथ एक कैब में सवार हो गया। लेकिन रास्तें में हरजोत को चार गोलियां लगीं, जिनमें से एक उसके सीने में लगी। वह दिल्ली का रहने वाला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, 'हमें इसकी जानकारी है। हमारा दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है। मुझे लगता है कि वह अभी कीव के अस्पताल में है। हम उसकी हालत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।