रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का आज 10वां दिन है। रूस यूक्रेन पर लगातार हमलें कर रहा है, और यूक्रेन जवाब दे रहा है। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है की इसमें अब आगे क्या होगा। इस बीच, भारत सरकार ने यूक्रेन के सुमी में फंसे भारतीय छात्रों पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हम यूक्रेन के सूमी में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर बहुत चिंतित हैं। रूस और यूक्रेन की सरकारों पर हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित मार्ग बनाने के लिए तत्काल युद्धविराम के लिए विभिन्न माध्यमों से दबाव डाला जा रहा है।
From Pisochyn & Kharkiv, we should be able to clear out everyone in the next few hours, so far I know no one left in Kharkhiv. Main focus is on Sumy now, challenge remains ongoing violence & lack of transportation; best option would be ceasefire: MEA#UkraineRussianWar pic.twitter.com/EdNf5Zhkcz
— ANI (@ANI) March 5, 2022
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हम यूक्रेन में सभी भारतीय छात्रों से सतर्क और सुरक्षित रहने का आग्रह करते हैं। सभी छात्र सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक जोखिम न लें। विदेश मंत्रालय और हमारा दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है। सूमी उन संघर्ष क्षेत्रों में से एक है जहां रूसी और यूक्रेनी सेनाओं के बीच भयंकर लड़ाई हो रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को कहा कि सूमी में 700 भारतीयों के फंसे होने की जानकारी मिली है।
15 flights have landed in the last 24 hours with around 2,900 onboard... Approximately 13,300 people returned to India so far. 13 flights scheduled for the next 24 hours: MEA#UkraineRussianWar pic.twitter.com/Z3x9NKv3P9
— ANI (@ANI) March 5, 2022
खासकर 24 फरवरी को रूस की सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से यूक्रेन ने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। ऐसे में भारत अपने नागरिकों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों- रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड से विशेष उड़ानों से निकाल रहा है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, गोफर्स्ट, स्पाइसजेट और एयर एशिया इंडिया द्वारा संचालित निकासी उड़ानों के अलावा, भारतीय वायु सेना यूक्रेन से फंसे भारतीयों को वापस लाने में सरकार की सहायता कर रही है।
1.2 मिलियन लोगों ने छोड़ा यूक्रेन :
रूस-यूक्रेन युद्ध ने लाखों लोगों को पड़ोसी देशों में पलायन करने के लिए मजबूर किया है। अब तक 1.2 मिलियन लोग युद्ध के कारण यूक्रेन से भाग चुके हैं। यह देश की कुल आबादी का दो फीसदी है। यूक्रेन छोड़ने वालों में अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं, क्योंकि 18 से 60 वर्ष की आयु के पुरुषों के देश छोड़ने पर प्रतिबंध है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेनियन देश छोड़कर चले गए तो यूरोप में शरणार्थी संकट पैदा हो सकता है।