Russia-Ukraine War : अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने रूस को यूक्रेन में जारी सैन्य कार्रवाई को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया है। सीजेआई "CJI" ने 13-2 के बहुमत के बाद आदेश जारी किया था। मतदान के दौरान, 13 देशों ने यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई को तत्काल समाप्त करने के पक्ष में मतदान किया, जबकि दो देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। संयुक्त राष्ट्र के भारतीय न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी ने भी रूस के खिलाफ मतदान किया है।
International Court of Justice orders Russia to suspend Ukraine invasion pic.twitter.com/k5VnxIxh3C
— ANI (@ANI) March 16, 2022
संयुक्त राष्ट्र न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते हैं। जिसमें ICJ के अध्यक्ष जॉन ई.डोनोग्यू (यूएसए), न्यायाधीश पीटर टोमका (स्लोवाकिया), न्यायाधीश रोनी अब्राहम (फ्रांस), न्यायाधीश मोहम्मद बेनौना (मोरक्को), न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ (सोमालिया), न्यायमूर्ति जूलिया सेबुटिंडे (युगांडा), न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी (भारत) , न्यायाधीश पैट्रिक लिप्टन रॉबिन्सन (जमैका), न्यायाधीश नवाफ सलाम (लेबनान), न्यायाधीश इवासावा युजी (जापान), न्यायाधीश जॉर्ज नोल्टे (जर्मनी), न्यायाधीश हिलेरी चार्ल्सवर्थ (ऑस्ट्रेलिया) और न्यायाधीश एड-हॉक डुडेट शामिल हैं।
इन दोनों देशों ने रूस के पक्ष में किया मतदान -
रूस के लिए मतदान करने वाले दो न्यायाधीशों में उपराष्ट्रपति किरिल गेवोर्गियन (रूस) और न्यायाधीश सू किन (चीन) हैं। रूस ने 21 दिन पहले यूक्रेन पर हमला किया था। रूस यूक्रेन के विभिन्न शहरों में लगातार बमबारी कर रहा है। ऐसे में यूक्रेन ने ICJ का सहारा लिया है। ICJ ने रूस को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई को तुरंत स्थगित करने का आदेश दिया है। ICJ में भारतीय जज दलवीर भंडारी ने रूस के खिलाफ वोट किया है, जानिए दलवीर भंडारी के बारे में..!
दलवीर भंडारी कौन है ?
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी का यह दूसरा कार्यकाल है। उन्हें पहली बार 2012 में चुना गया था। 1 अक्टूबर 1947 को जन्मे जस्टिस दलवीर भंडारी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज भी हैं। साथ ही वह दिल्ली High Court के जज और बॉम्बे High Court के पूर्व चीफ जस्टिस भी रहे हैं। जस्टिस दलवीर भंडारी के पिता महावीर चंद्र भंडारी, दादा बीसी भंडारी राजस्थान बार में भी रह चुके हैं।
उन्होंने जोधपुर यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री हासिल की है। इसके बाद 1968 से लेकर 1970 तक राजस्थान High Court में प्रैक्टिस की। वर्ष 1970 में उन्हें भारतीय कानून पर रिसर्च के लिए शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 6 सप्ताह की वर्कशॉप के लिए बुलाया गया था। इससे पहले 2012 में भी वह International Court of Justice के जज रह चुके हैं। इसके बाद वह 20 नवंबर 2017 को दोबारा International Court of Justice के जज बनाए गए। उन्हें 193 में से 183 मत मिले थे। ये उनका दूसरा कार्यकाल है। उन्होंने ब्रिटेन के क्रिस्फोफर ग्रीनवुड को मात दी थी। वह International Court of Justice के पद पर 9 साल तक रहेंगे।