भारत जोड़ो यात्रा में पहली बार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी राहुल गांधी के साथ कदमताल करने पहुंची। मध्यप्रदेश में यात्रा के दूसरे दिन राहुल और प्रियंका ने साथ कदम बढ़ाए लेकिन दोनों के साथ राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी ने यात्रा में सियासी तड़का लगा दिया। 
 
मध्यप्रदेश के बाद भारत जोड़ो यात्रा का अगला पड़ाव राजस्थान ही है। ऐसे में सचिन पायलट का अचानक यात्रा में शामिल होना कई सवालों को जन्म दे रहा है। बड़ी बात यह है कि प्रियंका गांधी का भी यात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम भी पूर्व निर्धारित नहीं था उनके भी यात्रा में शामिल होने की खबर एक दिन पहले ही सामने आई है।  

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रियंका और सचिन पायलट का एक साथ एक ही दिन भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के पीछे कोई खास कारण है। यह सवाल इसलिए कि यह कहा जा रहा है कि सचिन पायलट को राजस्थान की सत्ता का सबसे बड़ा आश्वासन प्रियंका गांधी की ओर से ही मिला है। 

राजस्थान में अशोक गहलोत द्वारा पाटी हाईकमान को खुली चुनौती देने के बाद से धैर्य धारण किए हुए सचिन भी मामला को ठंडा होते देखे मुखर होते जा रहे हैं। वहीं राजस्थान में गुर्जर समुदाय की बड़ी बैठक में भारत जोड़ो यात्रा के राज्य में प्रवेश से पहले सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद सौंपे जाने की मांग भी एक दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से सामने आई है। 

ऐसे में यह कहा जा रहा है कि भारत जोड़ो यात्रा में प्रियंका और सचिन पायलट की मौजूदगी राजस्थान में बड़े सियासी घटनाक्रम की बुनियाद बन सकती है। देखना यह है कि क्या सचिन पायलट का यात्रा में शामिल होना राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर क्या असर छोड़ता है?