छोटे बच्चों के मुंह से लार निकलना सामान्य बात है, लेकिन यदि किसी वयस्क व्यक्ति के मुंह से लार आने लगे तो ये किसी बड़ी बीमारी के लक्षण हो सकते है। हालांकि कभी-कभी नींद में भी लार निकलना सामान्य बात है।
लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इससे तंत्रिका संबंधी समस्याएं जैसे कि सेरेब्रल पाल्सी और पार्किंसंस जैसे रोगों के भी लक्षण हो सकते है। मुंह से लार निकलने का मुख्य कारण मांसपेशियों के नियंत्रण में समस्या या बहुत अधिक लार का उत्पादन, सोने की पोजीशन और आहार हो सकते हैं। गंभीर कारण जिनकी वजह से आपको ये समस्या हो सकती है।
मस्तिष्क संबंधी समस्या :
कुछ न्यूरोलॉजिकल कंडीशन में मांसपेशियों पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो जाता है जिसके वजह से मुंह से लार टपकने लगता है। इसमें शामिल हैं स्ट्रोक, मस्तिष्क पक्षाघात, पार्किंसंस रोग, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस, मल्टीपल स्केलेरोसिस, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म, इंफेक्शन।
कुछ मामलों में यदि आपका गला खराब है या मोनोन्यूक्लिओसिस, साइनस इंफेक्शन, तोंसिल्लितिस, पेरिटोनसिलर फोड़ा, इस तरह की ऐसी स्थिति जिसमें टॉन्सिलिटिस आपकी गर्दन और छाती तक फैल जाता है, से ग्रसित है तो मुंह से लार आने की परेशानी का सामना आपको करना पड़ सकता है।
यदि आपको किसी चीज से एलर्जी है तो आपके मुंह से सोते वक्त लार बह सकती है। दरअसल, एलर्जी होने पर लार ग्रंथि ज्यादा मात्रा में लार बनाती है, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स पदार्थों बाहर निकल जाएं।
यदि आप एसिडिटी से परेशान रहते हैं तो मुंह से सोते समय लार निकलने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जीईआरडी एक ऐसी स्थिति है जिसमें पाचन एसिड आपके फूड प्रोसेसिंग में वापस प्रवाहित होते हैं। इससे आहारनाल की परत को नुकसान होता है। आपको ऐसा लगता है कि आपके गले में एक गांठ मौजूद है और इससे निगलने में भी कठिनाई होती है और इसके परिणामस्वरूप भी लार टपकती है।
स्लीप एपनिया भी मुंह से लार निकलने का एक कारण हो सकती है। स्लीप एपनिया एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है जिसका समय पर उपचार शुरू होना जरूरी होता है। लंबे समय तक इसे अनुपचारित छोड़ देने से कई अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है।