भोपाल। प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पद बढ़ा दिये गये हैं। इसके लिये राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने 38 साल पहले बने मप्र राज्य विश्वविद्यालय सेवा नियम 1983 में बदलाव कर दिया है।
जब उक्त नियम बने थे तब राज्य में आठ ही विवि थे और उनमें रजिस्ट्रार के 8 पद ही स्वीकृत थे और बाकी पदों के लिये राज्य शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत पदों का उल्लेख था। इनके वेतनमान के लिये भी उल्लेख था कि समय-समय पर राज्य शासन द्वारा स्वीकृत। बाद में तीन और सरकारी विवि बन गये जिसके कारण 27 अगस्त 2015 में इन नियमों में फिर बदलाव कर रजिस्ट्रार के 11, परीक्षा नियंत्रक के 6, डिप्टी रजिस्ट्रार के 24, असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 40, नियंत्रक आईटी का एक, उप नियंत्रक आईटी के 4, वित्त नियंत्रक के 6, वित्त अधिकारी के 4 तथा विवि इंजीनियर के 8 पद स्वीकृत किये गये तथा इनके वेतनमान के लिये लिखा गया कि राज्य शासन द्वारा स्वीकृत वेतनमान।
परन्तु आठ साल बाद प्रदेश में पुन: तीन और नये विवि बन गये। इसलिये एक बार फिर से नियमों में बदलाव किया गया है। अब रजिस्ट्रार के 14, परीक्षा नियंत्रक के 8, डिप्टी रजिस्ट्रार के 33, असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 57 स्वीकृत पद कर दिये गये हैं तथा शेष पद वर्ष 2015 की तरह ही रखे गये हैं। नये स्वीकृत पदों के वेतनमान में उल्लेख किया गया है कि इनका वेतनमान छठवें वेतनमान आयोग के अनुसार होगा।
एक नया बदलाव यह भी किया गया है कि अब विवि में परीक्षा नियंत्रक के पद पर विवि/महाविद्यालयीन शिक्षा के कॉलेज प्राचार्य, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक को प्रति नियुक्ति पर पदस्थ किया जा सकेगा। नये बदलाव में छत्रसाल बंदेलखण्ड विवि छतरपुर, भोज मुक्त विवि भोपाल, महर्षि पाणिनी संस्कृत विवि उज्जैन, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विवि सतना, अटल बिहारी हिन्दी विवि भोपाल तथा डा. बीआर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विवि महू में परीक्षा नियंत्रक के लिये कोई स्वीकृत पद नहीं रखा गया है।