राजधानी भोपाल में सतपुड़ा भवन में सोमवार को लगी भीषण आग पर लगभग 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। आग सोमवार शाम 4 बजे लगी थी और मंगलवार सुबह करीब 8 बजे तक आग पर काबू पाया गया था।

अग्निकांड की जांच करने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर टीम भी गठित की गई है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस में  मंगलवार को घटना को लेकर रिव्यू बैठक बुलाई है। अनुमान है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से फैलती गई।

आग बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से शुरू हुई और छठी मंजिल तक पहुंच गई थी। जब आग लगी, तब बिल्डिंग में करीब 1000 लोग थे। भगदड़ में कई लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इन 4 मंजिलों में रखी 12 हजार से ज्यादा फाइलें खाक हो चुकी हैं। इनमें ज्यादातर फाइलें चिकित्सा विभाग से संबंधित थीं।

इधर कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सवाल उठाया कि यह आग लगी है या लगाई गई है? क्योंकि आमतौर पर माना जाता है कि चुनाव के पहले सबूत मिटाने के लिए सरकार ऐसी 'हरकत' करती है! हार रही भाजपा अब यह भी बताए कि पुराने 'अग्निकांड' में दोषी कौन थे? किसे/कितनी सजा मिली?