भोपाल: वन विभाग ने 7 आईएफएस अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं. जारी आदेश में 92 बैच के आईएफएस अधिकारी सत्यानंद को इको पर्यटन बोर्ड सीईओ के पद से स्थानांतरित करते हुए एपीसीसीएफ वन्य प्राणी के पद पर पदस्थ किया है. सूत्रों ने बताया कि बोर्ड के सीईओ सत्यानंद वन मंत्री विजय शाह और प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे थे. एक बैठक में वन मंत्री शाह ने 15 दिन पहले ही ने आगाह कर दिया था कि आपकी जगह पर उन्हीं की बैचमेट समिता राजौरा पदस्य कर रहे हैं.

बुधवार को जारी आदेश में इको पर्यटन बोर्ड के सीईओ सत्यानंद को हटाकर समिता राजौर को बोर्ड का नया सीईओ बनाया गया है. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती राजौरा की जगह पर मुख्य वन संरक्षक विंसेंट रहीम को संरक्षण शाखा से सतकर्ता एवं शिकायत शाखा में पदस्थ किया है. शहडोल सर्किल में पदस्थ  मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार वर्मा को वन विकास निगम में स्थानांतरित किया गया है.

इसके पहले भी  वर्मा का नाम मार्च में जारी की गई स्थानांतरण सूची में था किंतु राजनीतिक रसूख के कारण अंतिम समय में नाम कट गया. पिछले दिनों बांधवगढ़ यात्रा के दौरान ही वन मंत्री शाह ने पीके वर्मा को शहडोल सर्किल से हटाकर वन विकास निगम भेजने के संकेत दे दिए थे. वन मंत्री के पूर्व घोषणा के अनुसार ही वर्मा को निगम में स्थानांतरित किया गया. उनकी जगह पर जबलपुर वर्किंग प्लान कंप्लीट करने वाले लखन लाल उइके को शहडोल का नया सीसीएएफ बनाया. अखिल बंसल का तबादला डीएफओ पूर्व दक्षिण वनमंडल से डीएफओ जबलपुर और अंकित पांडेय को डीएफओ अशोक नगर से डीएफओ हरदा के पद पर स्थानांतरित किया है.

कर्मचारियों के तबादला करने पर दोहरे सस्पेंड-

जंगल महकमे में हर आईएफएस अफसर के खिलाफ कार्रवाई करने का अलग-अलग फार्मूला है. मसलन, 33 कर्मचारियों के ड्यूटी-पदस्थापना आदेश जारी करने के आरोप में प्रमोटी आईएफएस डीएफओ हरदा  नरेश कुमार दोहरे को सस्पेंड कर दिया गया. जबकि निलंबित चल रहे एपीसीसीएफ मोहन मीणा ने 100 से अधिक कर्मचारियों के तबादले किए हैं. इसी प्रकार शहडोल से स्थानांतरित सीसीएफ पीके वर्मा, डीएफओ अनुराग कुमार, डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव, डीएफओ अभिनव पल्लव, सहित करीब आधा दर्जन अफसर ऐसे जो दौहरे क्राइटेरिया के तहत कर्मचारियों के तबादले करने पर कार्रवाई हो सकती है.