मध्य प्रदेश के जबलपुर और आसपास के जिलों में हो रही बारिश का असर न सिर्फ आम जनजीवन पर पड़ा है, बल्कि बरगी बांध पर भी पड़ा है। रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना के तहत बने बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए बरगी बांध प्रबंधन ने गेट खोलकर पानी छोड़ने का निर्णय लिया।

एमपी के जबलपुर में रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना के तहत बने बरगी बांध के 21 में से सात गेट सोमवार दोपहर खोल दिए गए। जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए औसतन 1.07 मीटर की ऊंचाई पर सात गेट खोले गए हैं।

इसमें से 35 हजार 552 क्यूसेक (क्यूबिक फीट प्रति सेकेंड) पानी डिस्चार्ज किया गया। जिससे नर्मदा का जलस्तर 8 से 10 फीट तक बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गेट खोलने से पहले अलर्ट घोषित कर दिया था। बांध के निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नर्मदा तटों और घाटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है।

गेट खोलने से बरगी बांध का जलस्तर बढ़े जाएगा। बरगी बांध के कार्यपालन अभियंता अजय सूर ने बताया कि बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 9 बजे बांध का जलस्तर 418.15 मीटर तक पहुंच गया, जो बांध के जलस्तर का 62 फीसदी है। बांध में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सोमवार दोपहर 1 बजे तक जलस्तर 419 मीटर तक पहुंच गया। जबकि इसे 418 मीटर तक ही रखना है।

फिलहाल बांध में 2,144 घन मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पानी बह रहा है, जिसे देखते हुए इसे नियंत्रित करने के लिए सात गेट यानी स्पिल-वे औसतन 1.07 मीटर की ऊंचाई पर खोले गए हैं। प्रति सेकंड एक हजार सात घन मीटर पानी बहता था। बांध में आने वाले पानी के आधार पर जल निकासी की मात्रा को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

यहां पहुंचने वाले पर्यटक बरगी बांध के गेट खोलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। सोमवार को बर्गी बांध के गेट खुलने से पर्यटकों का इंतज़ार भी ख़त्म हो गया। बांध के सात गेट खोल दिए गए। इसे लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के दोनों किनारों पर सीमाएं आरक्षित कर दी गई हैं, ताकि कोई दुर्घटना न हो।

जबलपुर में अब तक कुल 636.5 मिमी यानी 25 इंच बारिश हो चुकी है, यानी कुल बारिश का 50 फीसदी पूरा हो चुका है। जबलपुर में औसतन 1320 मिमी यानी लगभग 52 इंच बारिश होती है। इस लिहाज से औसत से आधी बारिश हो चुकी है।