भोपाल: जंबूरी मैदान में तेंदुपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की. केंद्रीय गृह मंत्री ने  कहा- देश में ऐसा पहली बार है, जब किसी सरकार ने आदिवासियों को जंगल का मालिक बनाया है. शिवराज का यह कदम अनुकरणीय हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो विचारधारा है, गरीब से गरीब को अधिकार मिले, उस स्वप्न को शिवराज सिंह साकार करने का काम कर रहे हैं. दरअसल, शिवराज सरकार ने जंगलों का मालिक आदिवासियों को बनाने का फैसला लिया है.

जनजातीय वर्ग को ये सौगातें मिलीं :

प्रदेश में अभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को 70% बोनस मिलता है. नई घोषणा में पेसा अधिनियम के अनुसार तेंदूपत्ता विक्रय से होने वाले लाभ पर 75% संग्राहक को, 10% राशि संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए, 10% राशि वन क्षेत्रों में लघु वनोपज प्रजातियों के संरक्षण पर और 5% ग्राम सभाओं को दी जाएगी.

वन विभाग अब राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों के प्रवेश से मिलने वाली राशि में से 33% वन समितियों को देगी. समिति आवंटित क्षेत्र में ईको पर्यटन का कार्य कर सकेगी. इससे होने वाली आय वन समिति को मिलेगी. प्रदेश के एक तिहाई गांव वन क्षेत्रों के अंदर या उसके आसपास बसे हैं. इनकी संख्या लगभग 15 हजार है, जिनकी आजीविका जंगल पर आधारित है. 5 हजार वन समितियों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए माइक्रो प्लान लाया जाएगा.

वन समितियों का गठन ग्राम सभा करेगी. समिति में महिलाओं को शामिल करना अनिवार्य होगा. पेसा कानून की भावना के अनुरूप ग्राम सभाओं को लघु वनोपजों का पूरा अधिकार मिलेगा. वनोपज में महुआ, तेंदूपत्ता, हर्रा, बहेड़ा, आंवला और चिरौंजी प्रमुख है.

भोपाल में बनेगी नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी :

सेंट्रल अकादमी फॉर पुलिस ट्रेनिंग (CAPT) में हुए आयोजन में शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि अब अंग्रेजों की डंडा मार पुलिस नहीं चलेगी, नॉलेज, सबूत और तर्कपूर्ण पुलिसिंग जरूरी है. पुलिस को अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा, इसके लिए टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी है. कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल को भी टेक्नो फ्रेंडली होना होगा.